जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में बदमाशों के हौसले पस्त करते हुए जयपुर दक्षिण जिले की पुलिस ने अपहरण और फिरौती वसूलने वाली एक गैंग का मात्र 6 घंटे के भीतर सनसनीखेज पर्दाफाश किया है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन और शिप्रा पथ थाना प्रभारी हितेश शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार शातिर अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया है और बदमाशों के चंगुल से बंधक बनाए गए युवकों को सुरक्षित मुक्त करा लिया है।
कौन-कौन हुए गिरफ्तार?
पुलिस द्वारा पकड़े गए चारों आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- नंदकिशोर
- अभिषेक
- राहुल सिंह
- लोकेश उर्फ लकी
ये सभी आरोपी मूल रूप से अलवर, झुंझुनू, नागौर और टोंक जिलों के रहने वाले हैं।
क्या है पूरी घटना?

सवाई माधोपुर निवासी शहादत खान ने शिप्रापथ थाने में मामला दर्ज कराया था कि बदमाशों ने उनके तीन भाइयों/दोस्तों—शफाकत खान, फिरोज और अजीज—का अपहरण कर लिया है।
बदमाशों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत किसी काम के बहाने पीड़ितों को जयपुर चौपाटी बुलाया था। जैसे ही वे वहां पहुंचे, स्विफ्ट और कैंपर गाड़ियों में सवार होकर आए आधा दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने तीनों युवकों को जबरन बंधक बना लिया और अपने साथ ले गए।
फिरौती के लिए दी जान से मारने की धमकी
अपहरणकर्ताओं ने पीड़ित शहादत खान को फोन कर 2 लाख रुपए की फिरौती की मांग की और पैसे न मिलने पर बंधक बनाए गए शफाकत खान, फिरोज और अजीज को जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे पीड़ित के भाई ने ऑनलाइन माध्यम से 1.54 लाख रुपए बदमाशों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए।
पुलिस की फिल्मी अंदाज में घेराबंदी और मुक्ति
घटना की गंभीरता को देखते हुए शिप्रा पथ थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। थाना प्रभारी हितेश शर्मा के निर्देशन में हेड कांस्टेबल लोकेश कुमार, कांस्टेबल मंगलज और छोटू राम की तकनीकी टीम ने बदमाशों का पीछा करना शुरू किया।
पुलिस ने चौतरफा दबिश देकर और पीछा करते हुए बदमाशों के चंगुल से तीनों पीड़ितों को सकुशल छुड़ा लिया। पुलिस ने इस वारदात में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। पुलिस फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है कि इस गैंग में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
