धौलपुर: “₹1250 में कैसे चले घर?” दिव्यांगों ने कलेक्ट्रेट पर जड़ा धरना, पेंशन और आवास को लेकर हुंकार

धौलपुर, धौलपुर जिले के दिव्यांग एवं विकलांगजनों ने शनिवार को अपनी लंबित मांगों और आर्थिक तंगी के विरोध में जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया। बढ़ती महंगाई और सरकार की उदासीनता से नाराज दिव्यांगजनों ने जिला कलेक्ट्रेट पर धरना दिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी पीड़ा व्यक्त की।

“पेंशन समय पर नहीं आती, दवाई और किराए में खर्च हो जाते हैं पैसे”

प्रदर्शनकारियों का मुख्य आक्रोश वर्तमान में मिल रही ₹1250 की मासिक पेंशन को लेकर था। दिव्यांगजनों ने तर्क दिया कि महंगाई के इस दौर में इतनी कम राशि से गुजारा करना नामुमकिन है।

  • अनियमित भुगतान: दिव्यांगों ने शिकायत की कि पेंशन न केवल कम है, बल्कि समय पर बैंक खातों में नहीं आती।
  • अतिरिक्त खर्च: पेंशन का बड़ा हिस्सा दवाइयों और परिवहन (किराए) में ही खत्म हो जाता है, जिससे खाने-पीने का संकट खड़ा हो जाता है।

प्रमुख मांगें जिन पर रहा जोर

ज्ञापन के माध्यम से दिव्यांगजनों ने अपनी समस्याओं के ठोस समाधान के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं:

  1. पेंशन में वृद्धि: मासिक पेंशन राशि को सम्मानजनक स्तर तक बढ़ाने और हर माह निश्चित तारीख पर भुगतान की मांग।
  2. स्वरोजगार और आवास: दिव्यांगों के लिए अलग आवास कॉलोनी बसाने और स्वरोजगार हेतु आसान ऋण प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग।
  3. पालनहार योजना: दिव्यांगों और विधवा महिलाओं के बच्चों को मिलने वाली पालनहार राशि बढ़ाने की अपील।
  4. संविदा और संचालन में अवसर: इंदिरा व अन्नपूर्णा रसोई के संचालन का जिम्मा दिव्यांगों को देने और संविदा भर्तियों में प्राथमिकता देने की मांग।
  5. स्कूटी योजना: राज्य सरकार की स्कूटी वितरण योजना में आयु सीमा बढ़ाने की मांग ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को लाभ मिल सके।

संवेदनशीलता की अपील

धरने पर बैठे दिव्यांगजनों ने कहा कि वे पूरी तरह सरकारी योजनाओं पर निर्भर हैं, ऐसे में सरकार को उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और उग्र करेंगे।

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