टोंक। गंगा दशमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने टोंक जिले के ऐतिहासिक बीसलपुर बांध पहुंचकर प्रदेशव्यापी ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर न केवल जल का पूजन किया, बल्कि प्रदेशवासियों को जल की प्रत्येक बूंद को सहेजने और उसे भविष्य के लिए सुरक्षित रखने का एक मजबूत संकल्प भी दिलाया। इस दौरान उन्होंने बीसलपुर बांध की सुरक्षा और जल प्रबंधन प्रणाली का बारीकी से अवलोकन किया।
बीसलदेव मंदिर में किया जलाभिषेक, बांध के स्काडा सिस्टम का लिया फीडबैक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार सुबह हेलीकॉप्टर से गांवड़ी पंचायत के ककोडिया स्थित हेलीपेड पहुंचे। वहां से सड़क मार्ग के जरिए वे सीधे ऐतिहासिक बीसलदेव शिव मंदिर पहुंचे, जो त्रिवेणी संगम पर स्थित है। मुख्यमंत्री ने वहां विधि-विधान से जलाभिषेक किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने बांध पर बने स्काडा (SCADA) सिस्टम कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया।
कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने बीसलपुर बांध की वर्तमान जलभराव स्थिति, जलापूर्ति की व्यवस्था और बहुप्रतीक्षित ईआरसीपी (ERCP) परियोजना को लेकर फीडबैक लिया। उन्होंने जल प्रबंधन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
जल ही जीवन है: अभियान में ग्रामीणों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा
मुख्यमंत्री के आह्वान पर स्थानीय ग्रामीणों ने ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ को एक जन-आंदोलन बनाने की जिम्मेदारी ली है। अभियान के तहत महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और मुख्यमंत्री के साथ मिलकर जल पूजा में सहभागिता की। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि “जल है तो कल है” और पानी की हर बूंद को बचाना अब हमारा सामूहिक धर्म है।
स्थानीय निवासी मनीष ने बताया कि अब गांव-गांव में शिक्षा के माध्यम से बच्चों और युवाओं को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। अभियान के तहत केवल पानी की बचत ही नहीं, बल्कि वर्षा जल संचयन (Rain Water Harvesting) और उसे भूगर्भ तक पहुंचाने (Groundwater Recharge) के पुख्ता इंतजाम करने का बीड़ा भी उठाया गया है।
प्रमुख हस्तियों की रही उपस्थिति
इस कार्यक्रम के दौरान जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के आमजन व महिलाएं मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री का जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। यह अभियान आने वाले समय में राजस्थान में जल सुरक्षा के प्रति एक बड़ी पहल साबित होगा।