पाली ई-मित्र गबन कांड: ₹68.73 लाख की धोखाधड़ी मामले में एसीबी (ACB) ने दर्ज की एफआईआर

पाली: राजस्थान के पाली जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ई-मित्र संचालक कुंदनसिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है । आरोपी पर उपभोक्ताओं से बिजली बिल के रूप में जमा किए गए लगभग 68,73,000 रुपये (68.73 लाख) सरकारी खाते में जमा न कर खुद के पास रखने और गबन करने का गंभीर आरोप है । यह मामला राजस्थान उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद एसीबी को सौंपा गया है ।

जानकारी के अनुसार, ‘मैसर्स ओम कलेक्शन सेंटर’ के संचालक कुंदनसिंह ने सुमेरपुर क्षेत्र में पंचायत समिति परिसर और विभिन्न गांवों में कैंप लगाकर उपभोक्ताओं से विद्युत बिलों का संग्रहण किया था । जाँच में सामने आया कि आरोपी ने कुल 2776 उपभोक्ताओं से राशि एकत्रित की और उनके बिलों पर भुगतान की मुहर भी लगा दी, लेकिन उस राशि को ई-मित्र पोर्टल पर दर्ज करने के बजाय मिलीभगत से हड़प लिया । इस गबन की शिकायत वि.वि.नि. लि. सुमेरपुर के वाणिज्य सहायक भरत कुमार ने की थी 。

एसीबी मुख्यालय जयपुर के आदेशानुसार, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7(c), 13(1)(a) और 13(2) के साथ-साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 409 (लोक सेवक द्वारा विश्वासघात), 420 (धोखाधड़ी) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रकरण की शुरुआत में सुमेरपुर थाने में एफआईआर संख्या 164/23 दर्ज की गई थी । बाद में, माननीय राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के आदेश दिनांक 13.11.2025 की पालना में पत्रावली भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सौंपी गई । एसीबी के पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 07 मई 2026 को सी.पी.एस. जयपुर में नई एफआईआर (0114/2026) पंजीकृत की । वर्तमान में इस मामले की जाँच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसीबी पाली-द्वितीय) खींवसिंह को सौंपी गई है ।

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