AI से बनाया Re-NEET का फर्जी पेपर, टेलीग्राम पर बेच रहा था युवक; भीलवाड़ा पुलिस ने दबोचा

भीलवाड़ा। देशभर में 21 जून को प्रस्तावित Re-NEET परीक्षा से पहले राजस्थान के भीलवाड़ा से फर्जी पेपर बेचने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। भीलवाड़ा पुलिस ने 19 वर्षीय आकाश चौधरी को गिरफ्तार किया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और गूगल की मदद से नकली प्रश्नपत्र तैयार कर टेलीग्राम के जरिए बेच रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर ‘पेपर माफिया’ नाम से एक ग्रुप बनाया था। इस ग्रुप में करीब 54 सदस्य जुड़े हुए थे, जिनमें कोचिंग कर रहे छात्र और अन्य राज्यों के अभ्यर्थी भी शामिल थे। आरोपी अपने फर्जी प्रश्नपत्र को असली Re-NEET पेपर बताकर बेच रहा था।

पुलिस के अनुसार, आकाश ने इंटरनेट पर उपलब्ध NEET स्टडी मटेरियल और संभावित सवालों की मदद से AI टूल्स का इस्तेमाल कर प्रश्नपत्र तैयार किया। इसके बाद उसने इसे लीक पेपर बताकर दो हजार से चार हजार रुपये तक में बेचना शुरू कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि सात छात्रों ने यह फर्जी पेपर खरीदा, जिससे आरोपी ने करीब 18 हजार रुपये जुटाए।

VPN के जरिए छिपा रहा था पहचान

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) का इस्तेमाल किया। टेलीग्राम पर प्रतिबंध और निगरानी के बावजूद वह प्रॉक्सी सर्वर और VPN की मदद से अपना नेटवर्क संचालित कर रहा था।

खुफिया सूचना से हुआ खुलासा

पुलिस को केंद्र सरकार के S-MEC पोर्टल के जरिए सोशल मीडिया पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। इसके बाद प्रतापनगर थाना पुलिस ने देर रात कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने दो मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और NEET से संबंधित नोट्स जब्त किए हैं।

नाबालिग साथी भी डिटेन

मुख्य आरोपी के साथ एक नाबालिग को भी डिटेन किया गया है। पुलिस के अनुसार, वह टेलीग्राम ग्रुप को संचालित करने और नए सदस्यों को जोड़ने में आकाश की मदद करता था। मामले की जांच सदर पुलिस उपाधीक्षक को सौंपी गई है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

NTA ने पेपर लीक की खबरों को बताया फर्जी

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पहले ही Re-NEET पेपर लीक से जुड़ी वायरल खबरों को निराधार बता चुकी है। हालांकि, इस तरह के फर्जी पेपर बेचने वाले गिरोहों के सामने आने से अभ्यर्थियों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों ने छात्रों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट दावे या सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे कथित प्रश्नपत्रों पर भरोसा न करें


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