गुरु पूर्णिमा के अवसर पर राजस्थान के शिक्षा क्षेत्र को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 29 जुलाई को भरतपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए 947 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों का लोकार्पण, शिलान्यास और विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ वितरण करेंगे। इनमें 691 करोड़ रुपये के शैक्षिक निर्माण कार्य, 40 लाख से अधिक पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि का DBT हस्तांतरण और करीब 6 करोड़ रुपये के व्हीलचेयर व टैबलेट वितरण शामिल हैं।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग भी शामिल होंगे।
691 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भरतपुर में आयोजित समारोह के दौरान प्रदेश में 691 करोड़ रुपये के शैक्षिक निर्माण कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इन कार्यों का उद्देश्य प्रदेश के शिक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत करना तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भरतपुर जिले की वैर तहसील के खेड़ली गुर्जर में बालिका सैनिक विद्यालय का शिलान्यास भी करेंगे। सरकार की ओर से बालिका शिक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिलेगी यूनिफॉर्म की राशि
राज्य सरकार की ओर से कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत 40 लाख से अधिक पात्र विद्यार्थियों को नि:शुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए 250 करोड़ रुपये की राशि DBT के माध्यम से हस्तांतरित की जाएगी।
DBT के जरिए राशि सीधे पात्र विद्यार्थियों से संबंधित लाभार्थी खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म से जुड़ी सुविधा उपलब्ध कराने की योजना को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ के तहत रीडिंग प्रमोशन कैंपेन शुरू
मुख्यमंत्री इस अवसर पर ‘मिशन पढ़ो राजस्थान’ के अंतर्गत रीडिंग प्रमोशन कैंपेन का भी शुभारंभ करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना और उनमें पढ़ने की आदत को सहज एवं प्रभावी तरीके से विकसित करना है।
अभियान के तहत प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रतिदिन सातवें कालांश में पठन गतिविधि कराई जाएगी। इससे विद्यार्थियों में नियमित पठन की आदत विकसित करने और उनकी पढ़ने-समझने की क्षमता को बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
अभिभावकों को स्कूल की गतिविधियों से जोड़ने की पहल
शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने के लिए निपुण कैलेंडर का भी विमोचन किया जाएगा। इसका उद्देश्य अभिभावकों को विद्यालय से जोड़ना और विद्यार्थियों की पूरे वर्ष की शैक्षणिक गतिविधियों से उन्हें अवगत कराना है।
सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की शिक्षा में विद्यालय के साथ-साथ अभिभावकों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। निपुण कैलेंडर के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों की शैक्षणिक प्रगति और स्कूल से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।
दिव्यांग विद्यार्थियों को व्हीलचेयर और टैबलेट का वितरण
गुरु पूर्णिमा के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में करीब 6 करोड़ रुपये की लागत के व्हीलचेयर और टैबलेट भी वितरित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों को आवश्यक सहायता और तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे शिक्षा से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।
शिक्षा को मजबूत करने पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से गुरु पूर्णिमा पर शिक्षा क्षेत्र के लिए घोषित इन पहलों को प्रदेश के शिक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निर्माण कार्यों से लेकर विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता, बालिका शिक्षा, पठन अभियान और अभिभावकों की भागीदारी तक कई स्तरों पर योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के सरकार के प्रयासों को रेखांकित करता है।
