राजस्थान के अजमेर जिले में सोशल मीडिया पर एक पानी की टंकी टूटने की खबर ने शहरवासियों के बीच सनसनी फैला दी, जिसे जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) ने पूरी तरह से ‘भ्रामक और असत्य’ करार दिया है । विभाग ने स्पष्ट किया है कि टंकी टूटी नहीं थी, बल्कि पानी के ओवरफ्लो होने के कारण वह गिरता हुआ दिखाई दे रहा था । इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार निजी फर्म के संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है ।

क्या था पूरा मामला?
दिनांक 5 अप्रैल 2026 को अजमेर के ईदगाह, किसान कॉलोनी और अरावली नगर जोन में जलापूर्ति करने वाले उच्च जलाशय (Overhead Tank) में पानी भरते समय वह ओवरफ्लो हो गया । सोशल मीडिया और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर इस ओवरफ्लो के वीडियो क्लिप प्रसारित होने लगे, जिसमें यह दावा किया गया कि जलाशय का टैंक फूट गया है । इस खबर से इलाके में डर का माहौल बन गया।
विभाग की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए सहायक अभियंता ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया । उन्होंने भरी हुई सुरक्षित टंकी का वीडियो बनाकर साक्ष्य के तौर पर पीएचईडी मीडिया ग्रुप में साझा किया ताकि अफवाहों पर लगाम लगाई जा सके ।
आज, 7 अप्रैल 2026 को अधिशाषी अभियंता ने पुनः मौके पर टंकी को उसकी पूर्ण क्षमता (FSL) तक भरकर जांच की । जांच के दौरान वर्टिकल वाल्व या टैंक के किसी भी हिस्से में कोई लीकेज नहीं पाया गया ।
दोषी कर्मचारी पर गिरी गाज
विभागीय जांच में पाया गया कि जलाशय में पिछली सप्लाई का पानी शेष था, जिसके कारण तय समय सीमा (2 घंटे 30 मिनट) के दौरान टंकी ओवरफ्लो हो गई । कार्य में लापरवाही बरतने के कारण संबंधित कार्मिक श्री रमेश चौधरी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें ड्यूटी से हटा दिया गया है ।
निजी फर्म से होगी वसूली
अधीक्षण अभियंता (नगर वृत्त, अजमेर) ने आदेश जारी किए हैं कि ओवरफ्लो के कारण जो पानी व्यर्थ बहा है, उसकी मात्रा की वसूली निविदा की शर्तों के अनुसार संबंधित निजी फर्म के आगामी बिल से की जाएगी ।
