जयपुर के लिए बड़ा सरप्राइज: 36 घंटे का शटडाउन 18 में खत्म, आखिर कैसे पलटा जलदाय विभाग ने पूरा गेम?

जयपुर। राजधानी जयपुर के निवासियों के लिए रविवार का दिन एक बेहद राहत भरी और चौंकाने वाली खबर लेकर आया है। बीसलपुर-जयपुर पेयजल परियोजना के तहत लिया गया मेगा शटडाउन जलदाय विभाग की टीम की तत्परता और “सुपरफास्ट” वर्किंग के चलते समय से काफी पहले ही पूरा कर लिया गया है। जिस भारी-भरकम मेंटेनेंस कार्य के लिए 36 घंटे का लक्ष्य रखा गया था, उसे विभाग के जांबाज इंजीनियरों और तकनीकी स्टाफ ने महज 18 घंटे में पूरा कर एक नई मिसाल पेश की है।

चुनौती बड़ी थी, लेकिन जज्बा उससे भी बड़ा निकला

गौरतलब है कि विभाग द्वारा जारी पूर्व शेड्यूल के अनुसार, 28 मार्च (शनिवार) रात 8 बजे से 29 मार्च (रविवार) रात 8 बजे तक पंपिंग पूरी तरह बंद रहनी थी। इसके चलते सोमवार सुबह तक जलापूर्ति बाधित रहने और मंगलवार (31 मार्च) से स्थिति सामान्य होने की बात कही गई थी। लेकिन जलदाय विभाग की टीम ने इस बार पूरा खेल ही बदल दिया। जयपुर-बीसलपुर परियोजना का मेंटेनेंस कार्य शनिवार रात 12 बजे युद्धस्तर पर शुरू किया गया। रविवार दोपहर 12 बजे तक सूरजपुरा पंपहाउस से 26 किलोमीटर दूर मुख्य पाइपलाइन के ‘स्कॉर वाल्व‘ का बड़ा लीकेज सफलतापूर्वक ठीक कर दिया गया। इसके साथ ही, जयपुर शहर में रविवार शाम 4 बजे तक 50 से ज्यादा अलग-अलग पॉइंट्स पर रिपेयरिंग और पंप हाउसों के इलेक्ट्रिकल वर्क पूरे कर लिए गए।

मिशन मोड में पूरे हुए शहर के ये बड़े काम

इस रिकॉर्ड समय में अमानीशाह और बालविहार झोटवाड़ा टैंकों की सफाई से लेकर घाटगेट पर 700 MM का नया वाल्व लगाने तक का जटिल काम निपटाया गया। विभाग की इस फुर्ती के चलते अब सूरजपुरा, बालावाला और जवाहर सर्किल पंप हाउस आगामी भीषण गर्मी के लिए पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं।

अब क्या रहेगा जयपुर में सप्लाई का नया शेड्यूल?

विभाग की इस ‘सुपर-स्पीड’ वर्किंग का सीधा और सबसे बड़ा फायदा जयपुर की आम जनता को मिलने जा रहा है:

  • सोमवार (30 मार्च): पूर्व निर्धारित घोषणा के बिल्कुल विपरीत, सोमवार को शहर में पेयजल सप्लाई बाधित नहीं होगी।
  • पंपिंग शुरू: आज (रविवार) शाम 6 बजे से ही सिस्टम में पानी की पम्पिंग वापस शुरू कर दी गई है।
  • कल से नॉर्मल: कल (सोमवार) दोपहर तक पूरे शहर की जलापूर्ति पूरी तरह सामान्य पटरी पर लौट आएगी।

एडिटर टेक: भीषण गर्मी के दस्तक देने से ठीक पहले मेंटेनेंस का यह ‘शॉर्ट-कट’ जलदाय विभाग की बेहतरीन प्लानिंग और सटीक एग्जीक्यूशन का नतीजा है। इंजीनियरों और फील्ड स्टाफ की इस मेहनत ने यह साबित कर दिया है कि अगर मजबूत इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी प्रोजेक्ट्स भी निजी क्षेत्र से कहीं अधिक तेजी से पूरे किए जा सकते हैं।

Share This Article
Leave a Comment