मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय (MLSU) की परीक्षा व्यवस्था एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। शुक्रवार को विवि के विधि महाविद्यालय (Law College) में आयोजित की जा रही परीक्षा के दौरान एक ऐसी लापरवाही सामने आई, जिससे परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
क्या है पूरा मामला?
मामला शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित LLB प्रथम वर्ष की परीक्षा का है। छात्रों के लिए ‘कॉन्ट्रैक्ट’ विषय का प्रश्नपत्र निर्धारित था। परीक्षा केंद्र पर पहुंचे प्रश्नपत्रों के लिफाफे पर स्पष्ट रूप से ‘कॉन्ट्रैक्ट’ विषय लिखा हुआ था। स्टाफ ने लिफाफा खोलकर प्रश्नपत्र वितरित किए, लेकिन जैसे ही छात्रों ने पेपर पढ़ना शुरू किया, वे चौंक गए।
लिफाफे में निकला दूसरा पेपर
छात्रों ने पाया कि उन्हें विधि (Law) के बजाय एमकॉम थर्ड सेमेस्टर (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) का प्रश्नपत्र बांट दिया गया है। जैसे ही यह बात अन्य छात्रों तक फैली, परीक्षा कक्ष में हंगामा शुरू हो गया। छात्रों ने विवि प्रशासन की इस गंभीर लापरवाही पर सवाल उठाए और परीक्षा का विरोध किया।
फोटोकॉपी से कराई गई परीक्षा
स्थिति को बिगड़ता देख कॉलेज स्टाफ ने तुरंत जांच की और गलती स्वीकार की। आनन-फानन में एमकॉम के प्रश्नपत्र वापस लिए गए। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने LLB के मूल प्रश्नपत्र की व्यवस्था की और उसकी फोटोकॉपी कराकर विद्यार्थियों को वितरित की। इस पूरी प्रक्रिया में काफी समय बर्बाद हुआ, जिसके बाद विवि ने छात्रों को समय की रियायत देते हुए अतिरिक्त समय देकर पेपर पूरा करवाया।
इस घटना ने सुखाड़िया विश्वविद्यालय की परीक्षा गोपनीय शाखा और पेपर सेट करने वाली टीम की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। छात्रों का आरोप है कि इस तरह की गलतियों से उनकी मानसिक स्थिति और परीक्षा की तैयारी पर बुरा असर पड़ता है।
