खाकी पर दाग: प्रतापगढ़ में नॉनवेज होटल संचालक से 5000 रुपये की ‘मासिक बंदी’ मांगने वाले हेड कॉन्स्टेबल पर FIR दर्ज

प्रतापगढ़/जयपुर। राजस्थान के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने प्रतापगढ़ जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस महकमे के एक भ्रष्ट कर्मचारी पर शिकंजा कसा है। एसीबी ने एक नॉनवेज होटल संचालक से 5,000 रुपये की ‘मासिक बंदी’ (रिश्वत) मांगने के आरोप में हेड कॉन्स्टेबल आजाद सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR No. 0072) दर्ज की है।

झूठे ‘एमडी’ केस में फंसाने की दी थी धमकी

शिकायतकर्ता तिलक चौधरी (उम्र 25 वर्ष), जो धरियावद के कुम्हारवाड़ा का निवासी है, रेणियामंगरी केसरपुरा रोड पर पिछले 5 वर्षों से नॉनवेज होटल संचालित कर रहा है। तिलक ने 22 दिसंबर 2025 को प्रतापगढ़ एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह को शिकायत दी थी । शिकायत में बताया गया कि धरियावद थाने में तैनात हेड कॉन्स्टेबल आजाद सिंह उसे आए दिन डराता-धमकाता है और 5 से 7 हजार रुपये मासिक बंदी नहीं देने पर ‘एमडी’ (मादक पदार्थ) के झूठे केस में फंसाने की धमकी देता है। आरोपी ने मुफ्त में मटन पार्टी और खाना देने का भी दबाव बनाया था।

एसीबी ने ऐसे किया रिश्वत की मांग का सत्यापन

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसीबी ने शिकायतकर्ता को डिजिटल वॉयस रिकॉर्डर देकर भेजा।

  • पहला सत्यापन (22 दिसंबर 2025): रात करीब 9 बजे जब आरोपी आजाद सिंह होटल पर खाना खाने आया, तो शिकायतकर्ता ने उससे बात की। इस दौरान रिकॉर्डर में 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई।
  • दूसरा सत्यापन (1 जनवरी 2026): इसके बाद 1 जनवरी 2026 को एसीबी के निर्देश पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को फोन किया। तब आरोपी ने कहा कि “अभी अभियान चल रहा है, 4-5 तारीख के बाद देखते हैं।” यह बातचीत भी एसीबी ने रिकॉर्ड कर ली।

ट्रेप से पहले ही हो गया तबादला

एसीबी आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने (ट्रेप करने) की पूरी तैयारी में थी, लेकिन इसी बीच 4 जनवरी 2026 के आसपास हेड कॉन्स्टेबल आजाद सिंह का धरियावद थाने से चौकी लौहागढ़ (थाना पारसोला) तबादला हो गया । तबादले के बाद आरोपी ने शिकायतकर्ता से संपर्क करना बंद कर दिया।

मांग प्रमाणित होने पर दर्ज हुआ मुकदमा

भले ही आरोपी को रंगे हाथों नहीं पकड़ा जा सका, लेकिन वॉयस रिकॉर्डिंग और स्वतंत्र गवाहों के समक्ष रिश्वत की मांग स्पष्ट रूप से प्रमाणित हो गई थी। इसके आधार पर एसीबी मुख्यालय (सी.पी.एस जयपुर) ने 18 मार्च 2026 को आरोपी हेड कॉन्स्टेबल आजाद सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है । इस मामले की आगे की जांच एसीबी डूंगरपुर के पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सिंह को सौंपी गई है।

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