भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत बरण में भ्रष्टाचार का एक बहुत बड़ा मामला सामने आया । तत्कालीन सरपंच बुद्ध कुमारी जाट, ग्राम विकास अधिकारी भगवतीलाल टेलर और वार्ड पंचों ने मिलीभगत करके पंचायत की बेशकीमती सरकारी जमीन अपने चहेतों को बाँट दी । इस घूसखोरी और धांधली के कारण सरकारी खजाने को 12 लाख 88 हजार 56 रुपये का भारी नुकसान पहुंचा । मामले की शिकायत मिलने के आठ साल बाद अब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 6 मार्च 2026 को इस पूरे नेटवर्क पर एफआईआर दर्ज की ।
जांच में सामने आया कि नियमों को ताक पर रखकर 54 लाभार्थियों को मुफ्त और रियायती दरों पर पट्टे जारी किए गए । राष्ट्रीय राजमार्ग से 150 फीट की दूरी तक निर्माण या पट्टा जारी करने पर रोक रहती थी । इसके बावजूद सरपंच और सचिव ने 140 फीट के दायरे में ही 12 पट्टे काट दिए । चारागाह और आम रास्ते की जमीन पर भी अतिक्रमण करवाते हुए 33 लोगों को अवैध रूप से मालिकाना हक सौंप दिया गया ।
गरीबों, अनुसूचित जाति, जनजाति, गाडिया लुहारों और बाढ़ पीड़ितों के लिए बनी योजनाओं का जमकर दुरुपयोग हुआ । अपात्र लोगों को फायदा पहुंचाते हुए 9 पट्टे जारी किए गए । यह पूरी साजिश 2018 में रची गई थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद जांच कमेटी गठित हुई । लंबी जांच और राज्य सरकार से अनुमति मिलने के बाद अब सेवानिवृत्त हो चुके ग्राम विकास अधिकारी भगवतीलाल और तत्कालीन सरपंच बुद्ध कुमारी जाट सहित अन्य लाभार्थियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ । इस मामले की अग्रिम जांच एसीबी भीलवाड़ा-प्रथम की पुलिस निरीक्षक कल्पना बंशीवाल के पास रहेगी ।
