जयपुर। राजस्थान में समय से पहले दस्तक दे चुकी भीषण गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों के लिए राहत भरी खबर है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव से मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिससे पारे में गिरावट दर्ज की गई है। जयपुर, झुंझुनूं और बीकानेर सहित कई जिलों में शनिवार देर रात हुई बूंदाबांदी और खैरथल-तिजारा के टपूकड़ा में रविवार सुबह हुई ओलावृष्टि ने तपिश से आंशिक राहत दिलाई है।
18 मार्च से फिर बदलेगा मिजाज
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार, प्रदेश में 18 से 21 मार्च के दौरान एक और नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 18 मार्च को विशेष रूप से जोधपुर और बीकानेर संभाग में मेघगर्जन के साथ आंधी और हल्की बारिश की संभावना है।
19 मार्च को 37 जिलों में ‘येलो अलर्ट’ विक्षोभ का सर्वाधिक असर 19 मार्च को देखने को मिलेगा। विभाग ने प्रदेश के लगभग 37 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने, मेघगर्जन के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने का पूर्वानुमान है।
इन संभागों में दिखेगा असर:
- जोधपुर
- बीकानेर
- अजमेर
- जयपुर
- भरतपुर
अगले दो दिन की स्थिति
विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले, 16 और 17 मार्च को पश्चिमी मैदानी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा और सतही गर्म हवाएं चलने के कारण दिन के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, उत्तर-पूर्वी इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, जिससे वहां गर्मी का असर कम रहेगा।
मौसम विज्ञानियों ने चेतावनी दी है कि विक्षोभ के दौरान हवा की गति 40 से 50 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच सकती है, जिससे फसलों और कच्चे निर्माणों को नुकसान होने की आशंका है।
