RPSC में हड़कंप: महिला अफसर का 11 पुरुष कर्मचारियों पर गंभीर आरोप, बोलीं- ‘यह इज्जत पर हमला है’

अजमेर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) में एक महिला अधिकारी द्वारा अपने ही 11 पुरुष सहकर्मियों पर मानसिक प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाने का मामला सामने आया है। पीड़ित अधिकारी ने आयोग के अध्यक्ष यूआर साहू को पत्र लिखकर अपनी व्यथा व्यक्त की है, जिसके बाद आयोग प्रशासन हरकत में आ गया है।

शिकायत में गंभीर आरोप:

महिला अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि पिछले तीन महीनों से 11 पुरुष कर्मचारी उन्हें लगातार निशाना बना रहे हैं। आरोप है कि ये कर्मचारी ऑफिस आते-जाते समय उनके सामने और पीठ पीछे भद्दे कमेंट्स करते हैं। पत्र में लिखा गया है कि “ऐसी बातें कहीं जा रही हैं, जो सीधे महिला की इज्जत पर हमला है और ये बातें लिखने योग्य भी नहीं हैं।”

सोशल मीडिया और धमकी का भी जिक्र:

पीड़ित, जो 18 साल से सेवा में हैं, ने बताया कि उन्हें पहली बार ऐसी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है। शिकायत के साथ सोशल मीडिया पर शेयर किए गए ‘डबल मीनिंग’ चैट और स्टेटस के प्रिंटआउट भी सबूत के तौर पर सौंपे गए हैं। इसके अलावा, आरोप है कि एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के माध्यम से उन्हें नौकरी हटवाने की धमकी भी दिलाई गई।

डीपीसी (DPC) में देरी बनी वजह?

शिकायत के अनुसार, आयोग में नए पदों के सृजन और पदोन्नति नियमों में बदलाव के कारण विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठकों में देरी हो रही है। पीड़ित का मानना है कि इसी वजह से कुछ कर्मचारी उनसे नाराज हैं और उन्हें निशाना बना रहे हैं।

आयोग की कार्रवाई:

मामले की गंभीरता को देखते हुए, RPSC ने महिला उत्पीड़न कमेटी का पुनर्गठन किया है। उपसचिव चित्रा जैनानी को कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया है। जैनानी ने 13 मार्च को ही तत्परता दिखाते हुए सभी 11 नामजद आरोपी कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। सभी आरोपियों से 25 मार्च 2026 तक स्पष्टीकरण मांगा गया है। कमेटी ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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