RPSC AEN भर्ती में 50 लाख का ‘नकल सौदा’: एसओजी ने मास्टरमाइंड को हिसार से दबोचा, 10 राज्यों में फैला था जाल

जयपुर: राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की यूडीएच एईएन (सिविल) भर्ती परीक्षा-2022 में नकल और धांधली के खिलाफ एसओजी (SOG) ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। एसओजी ने 50 लाख रुपए लेकर डमी कैंडिडेट बैठाने और हाई-टेक तरीके से नकल कराने वाले गिरोह के सरगना अजीत कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अजीत कुमार हरियाणा के हिसार का निवासी है और लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं में सेंधमारी कर रहा था।

स्मार्ट वॉच के जरिए हाई-टेक नकल:

एसओजी के एडीजी विशाल बंसल के अनुसार, जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इस गिरोह ने नकल के लिए विदेश से करीब 50 हजार रुपए की एक विशेष ‘स्मार्ट वॉच’ जैसी डिवाइस मंगवाई थी। इस डिवाइस में सिम कार्ड लगाने की सुविधा और इनबिल्ट कैमरा लगा होता था। परीक्षा केंद्र के अंदर से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर एक तय नंबर पर भेजी जाती थी, जहाँ से गिरोह के सदस्य उत्तर वापस भेजते थे। एसओजी ने इस डिवाइस को जब्त कर लिया है और इसकी तकनीकी जांच की जा रही है।

राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था गिरोह:

गिरोह का जाल केवल राजस्थान तक ही सीमित नहीं था। पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, झारखंड, दिल्ली और त्रिपुरा सहित 10 राज्यों की भर्ती परीक्षाओं (जैसे CSIR-JSA, आर्मी ड्राइवर, नर्सिंग स्टाफ) में सेंध लगा चुका है। मामले में पहले ही अभ्यर्थी इन्द्राज सिंह, डमी कैंडिडेट गुरदीप दास और अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी अब इस गिरोह के अन्य संपर्कों और अन्य परीक्षाओं में इनके द्वारा की गई धांधली की कड़ियां जोड़ रही है।


👇 हमारी मुहिम से जुड़ें:

🛑 भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करें!

क्या आपके पास किसी घोटाले की पुख्ता जानकारी है? हमारे 'Secure Drop' पर भेजें। आप नाम बताएँ या पहचान छुपाएँ, यह आपकी मर्जी है। सच को दुनिया के सामने लाना हमारी जिम्मेदारी है।

🔗 सुरक्षित रूप से रिपोर्ट करें

Share This Article
Leave a Comment