जयपुर, राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने केंद्रीय बजट 2026-27 को ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक अमिट दस्तावेज बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल 150 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करता है, बल्कि देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी रोडमैप भी पेश करता है।
एनर्जी ट्रांजिशन और क्लीन एनर्जी पर विशेष फोकस
ऊर्जा मंत्री ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने एनर्जी ट्रांजिशन परियोजनाओं को मजबूती देने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए हैं।
- बैटरी स्टोरेज को बढ़ावा: लिथियम-आयन सेल विनिर्माण में प्रयुक्त होने वाली पूंजीगत वस्तुओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में छूट जारी रखने से बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (BESS) की लागत कम होगी और भंडारण क्षमता बढ़ेगी।
- सोलर सेक्टर को प्रोत्साहन: सोलर ग्लास मैन्यूफैक्चरिंग में इस्तेमाल होने वाले सोडियम एंटीमानेट के आयात पर कस्टम ड्यूटी में छूट से क्लीन एनर्जी उपकरणों का निर्माण सस्ता होगा।
- परमाणु ऊर्जा को गति: न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए आयातित वस्तुओं पर छूट की सीमा वर्ष 2035 तक बढ़ाने और इसे सभी क्षमता के संयंत्रों पर लागू करने के निर्णय से भारत की परमाणु ऊर्जा क्षमता में तेजी से विस्तार होगा।
हर वर्ग के लिए राहत का बजट
श्री नागर ने कहा कि बजट में किसानों, मजदूरों, युवाओं और महिलाओं सहित हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। उन्होंने अन्य प्रमुख घोषणाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा:
- सस्ता इलाज: 17 एंटी-कैंसर दवाओं और 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं पर छूट से सामान्य जन के लिए स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती होंगी।
- MSME और शिक्षा: एमएसएमई सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का कोष और तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान मील का पत्थर साबित होंगे।
- इंफ्रास्ट्रक्चर: हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और भारत को ग्लोबल डेटा सेंटर के रूप में विकसित करने की पहल देश की आधुनिक छवि को और मजबूत करेगी।
“प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में यह बजट भारत को वैश्विक आर्थिक नेतृत्व की दिशा में आगे ले जाने वाला सिद्ध होगा। विशेषकर ऊर्जा क्षेत्र में किए गए प्रावधान देश की सुरक्षा और स्थिरता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।” — हीरालाल नागर, ऊर्जा मंत्री
