जयपुर, राजस्थान स्टेट जीएसटी (State GST) की प्रवर्तन शाखा ने जयपुर में कर चोरी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्यवाहियों में से एक को अंजाम दिया है। विभाग ने हवाई कार्गो के माध्यम से संचालित हो रहे एक अंतरराज्यीय सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए करोड़ों रुपये की अघोषित सोना और हीरा ज्वैलरी जब्त की है। इस कार्रवाई से शहर के नामी ज्वैलर्स और सर्राफा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
सटीक रणनीति और ‘रेकी’ से मिली सफलता
मुख्य आयुक्त (कर विभाग) कुमार पाल गौतम के निर्देश पर प्रवर्तन शाखा-I ने इस मिशन को अंजाम दिया। विभाग को गोपनीय सूचना मिली थी कि कोलकाता से जयपुर के बीच बड़े पैमाने पर बुलियन (सोना-चांदी), नेचुरल डायमंड और कीमती आभूषणों का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क को पकड़ने के लिए टीम ने कई दिनों तक लगातार निगरानी (रेकी) की। जैसे ही घरेलू हवाई अड्डे से कूरियर के माध्यम से बिना वैध दस्तावेजों (e-way bill और GST इनवॉइस) के पार्सल रवाना किए गए, विभाग की टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया।
जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्यवाही
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की कर चोरी के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत यह कार्यवाही की गई है। जब्त किए गए माल का वर्तमान में बाजार भाव से मूल्यांकन किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नियमानुसार भारी पेनल्टी और कर राशि वसूली जाएगी। शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह माल जयपुर के कई बड़े शोरूम्स और व्यापारियों को सप्लाई किया जाना था।
विभाग की चेतावनी
मुख्य आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी गिरोह को बख्शा नहीं जाएगा। हवाई मार्ग के साथ-साथ सड़क मार्ग और रेलवे कूरियर पर भी विभाग की पैनी नजर है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
