ग्राम उत्थान शिविर: करौली में प्रभारी सचिव ने किया निरीक्षण, कहा- “कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे”

करौली/बालघाट। राजस्थान की भजनलाल सरकार के संकल्प ‘अंत्योदय’ को साकार करने के उद्देश्य से करौली जिले के बालघाट में ग्राम उत्थान शिविर का आयोजन किया गया। जिला प्रभारी सचिव श्रीमती शुचि त्यागी ने राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आयोजित इस कैंप का सघन निरीक्षण किया और अधिकारियों को सरकार की योजनाओं को अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।


जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और फीडबैक

निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई स्टॉल्स का अवलोकन किया। उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति और आम जनता को मिल रहे लाभ का फीडबैक लिया।

  • अंतिम छोर तक लाभ: प्रभारी सचिव ने कहा कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति को मौके पर ही लाभान्वित करना है।
  • संवेदनशीलता: अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे जनता के प्रति संवेदनशील रहें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी व्यक्ति जागरूकता के अभाव में योजना से वंचित न रहे।
  • बुनियादी ढांचा: सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को नहरों की उचित देखरेख और मरम्मत के निर्देश दिए।

जैविक खेती और नवाचार पर जोर

शिविर के बाद प्रभारी सचिव शुचि त्यागी ने संगम कृषि फार्म का दौरा किया। वहां उन्होंने उन्नत कृषि तकनीकों को देखा और किसानों से संवाद किया।

  • जैविक खेती: उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम कर जैविक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि जमीन की उर्वरा शक्ति बनी रहे और लोगों को शुद्ध उत्पाद मिलें।
  • कृषि विभाग को निर्देश: कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे किसानों को नवाचारों और नई तकनीकों के प्रति प्रशिक्षित करें।

निरीक्षण के दौरान उपस्थित प्रमुख अधिकारी

इस महत्वपूर्ण शिविर और निरीक्षण के दौरान प्रशासन की पूरी टीम मौजूद रही:

  • अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADC) – हेमराज परिडवाल
  • उपखण्ड अधिकारी (SDM) – अमन चौधरी
  • मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जिला परिषद – शिवचरण मीणा
  • कृषि विभाग उपनिदेशक – धर्म सिंह मीणा
  • विद्युत विभाग एसई – रूप सिंह गुर्जर

ग्राम उत्थान शिविर के मुख्य उद्देश्य (Table)

क्षेत्रमुख्य लक्ष्य
जागरूकतासरकारी योजनाओं की समुचित जानकारी ग्रामीण स्तर तक पहुंचाना।
समाधानमौके पर ही शिकायतों का निस्तारण और पात्रों का चयन।
कृषि विकासजैविक खेती और सिंचाई प्रबंधन को मजबूत करना।
प्रशासनिक जवाबदेहीअधिकारियों द्वारा धरातल पर फीडबैक सुनिश्चित करना।
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