जयपुर, राज्य में जल प्रबंधन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए राजस्थान सरकार ने राजस्थान वाटरग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड (RWGCL) को सशक्त बनाने की कवायद तेज कर दी है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में स्पष्ट किया कि वाटरग्रिड कॉरपोरेशन को मजबूती प्रदान करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
ADB के सहयोग से तैयार होगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट
मुख्य सचिव ने बैठक में निर्देश दिए कि राज्य सरकार और एशियन डवलपमेंट बैंक (ADB) के साझा सहयोग से जल्द से जल्द प्रारंभिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट (PPR) तैयार की जाए। इस रिपोर्ट को तैयार करने के बाद केंद्र सरकार को अंतिम स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। वाटरग्रिड के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में जल वितरण नेटवर्क को जोड़ा जाएगा ताकि सूखे और जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की प्रशासनिक मशीनरी के कई दिग्गज शामिल हुए, जिनमें शामिल हैं:
- अभय कुमार: अतिरिक्त मुख्य सचिव (जल संसाधन एवं आयोजना)
- प्रवीण गुप्ता: अतिरिक्त मुख्य शासन सचिव (पर्यटन विभाग)
- वैभव गालरिया: शासन सचिव (वित्त)
राजस्थान वाटरग्रिड कॉरपोरेशन का महत्व
राजस्थान अपनी विषम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण हमेशा जल संकट से जूझता रहा है। RWGCL का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा एकीकृत नेटवर्क तैयार करना है जो राज्य की नदियों, बांधों और नहरों को आपस में जोड़ सके। इससे न केवल पेयजल आपूर्ति सुधरेगी, बल्कि सिंचाई के लिए भी पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्य सचिव का विजन: “हमारा लक्ष्य एक ऐसा सिस्टम विकसित करना है जो न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करे, बल्कि ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन के अनुरूप जल सुरक्षा की गारंटी दे।”
