करौली में हवाई हमले का अलर्ट: मेडिकल कॉलेज में मॉक ड्रिल के दौरान रहा ब्लैकआउट, नागरिक सुरक्षा का शक्ति प्रदर्शन

करौली

जिला प्रशासन द्वारा नागरिक सुरक्षा तैयारियों को पुख्ता करने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए बुधवार को करौली शहर में एक वृहद हवाई हमला (एयर रेड) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास के दौरान राजकीय मेडिकल कॉलेज क्षेत्र में ‘ब्लैकआउट’ की स्थिति पैदा कर सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी को परखा गया।

राष्ट्रीय स्तर के अभ्यास का हिस्सा

उप नियंत्रक (नागरिक सुरक्षा) एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिडवाल ने बताया कि यह मॉक ड्रिल राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार आयोजित की गई थी। 20 से 24 अप्रैल तक चलने वाले राष्ट्रीय स्तर के मॉक अभ्यास के तहत करौली के मण्डरायल रोड स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज को मुख्य केंद्र बनाया गया।

ब्लैकआउट और त्वरित प्रतिक्रिया

अभ्यास के दौरान जैसे ही हवाई हमले का सायरन बजा, निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत शहर के संबंधित हिस्से में ‘ब्लैकआउट’ किया गया। इस दौरान:

  • पुलिस विभाग ने घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।
  • चिकित्सा विभाग की टीमों ने घायलों को रेस्क्यू करने और प्राथमिक उपचार देने का अभ्यास किया।
  • नगर परिषद और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों ने मलबे में दबे लोगों को निकालने की तकनीक का प्रदर्शन किया।
  • विद्युत विभाग ने आपात स्थिति में बिजली कटौती और वैकल्पिक व्यवस्थाओं का सफल परीक्षण किया।

अधिकारियों की उपस्थिति और समन्वय

इस सफल अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संतराम मीणा, पीएचईडी के अधीक्षण अभियंता प्रकाश चंद मीणा, विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता रूपसिंह गुर्जर, और उपखंड अधिकारी प्रेम राज मीणा ने संयुक्त रूप से विभागों के बीच समन्वय की निगरानी की।

सतर्कता ही बचाव है

एडीएम हेमराज परिडवाल ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यासों का मुख्य उद्देश्य किसी भी वास्तविक आपदा के समय प्रतिक्रिया समय (Response Time) को कम करना और सरकारी मशीनरी के बीच बेहतर तालमेल बिठाना है। उन्होंने नागरिकों द्वारा दिखाए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि सतर्कता ही आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने का एकमात्र उपाय है।

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