RPSC-प्राध्यापक-भर्ती 2022 Scam: फर्जी डिग्री रैकेट का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड ध्वजकीर्ति शर्मा गिरफ्तार

अजमेर/जयपुर | राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित प्राध्यापक-हिन्दी (स्कूल शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा 2022 में फर्जी डिग्री के जरिए नौकरी हासिल करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।

मेवाड़ यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री का खेल

अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (एसओजी) जयपुर, विशाल बंसल ने बताया कि अभ्यर्थी कमला कुमारी ने आवेदन के दौरान मेवाड़ यूनिवर्सिटी गंगरार से जारी एम.ए. (हिन्दी) की डिग्री प्रस्तुत की थी। आयोग द्वारा सत्यापन के दौरान यह डिग्री फर्जी पाई गई, क्योंकि यूनिवर्सिटी ने ऐसी कोई डिग्री जारी नहीं की थी।

आपराधिक षड्यंत्र और फर्जी दस्तावेज

इस मामले में 20 मार्च 2023 को अजमेर के सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में सामने आया कि यूनिवर्सिटी से जुड़े कुछ कर्मचारियों और अन्य आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर फर्जी अंकतालिकाएं, डिग्री, माइग्रेशन सर्टिफिकेट और चरित्र प्रमाण पत्र तैयार किए। इन दस्तावेजों पर यूनिवर्सिटी अधिकारियों की नकली मुहर और ध्वजकीर्ति शर्मा के हस्ताक्षर भी किए गए।

मुख्य आरोपी गिरफ्तार, रिमांड पर पूछताछ जारी

मामले के मुख्य आरोपी ध्वजकीर्ति शर्मा (55 वर्ष), निवासी भीलवाड़ा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर 22 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और मामले की गहन जांच जारी है।

अब तक 10 गिरफ्तारियां

पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले भी फर्जी डिग्री बनाने के मामलों में संलिप्त रह चुका है। इस पूरे प्रकरण में अब तक कमला कुमारी सहित कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह मामला सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में दस्तावेज सत्यापन की सख्ती और फर्जीवाड़े के खिलाफ एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाता है।

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