राजस्थान के लिए ‘हैप्पी’ मोमेंट: WPL खेलने वाली प्रदेश की पहली क्रिकेटर बनीं झुंझुनूं की हैप्पी कुमारी; स्प्रिंटर से ऐसे तय किया क्रिकेट का सफर

By Admin

जयपुर/झुंझुनूं। राजस्थान की महिला क्रिकेट के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक और सबसे बड़ा ‘हैप्पी’ मोमेंट लेकर आया। महिला प्रीमियर लीग (WPL) के इतिहास में पहली बार राजस्थान की किसी खिलाड़ी ने डेब्यू किया है। यह उपलब्धि हासिल की है झुंझुनूं जिले के छोटे से गांव कुमावास की रहने वाली हैप्पी कुमारी खींचड़ ने। हैप्पी ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के खिलाफ गुजरात जाएंट्स (Gujarat Giants) की जर्सी पहनकर अपना पहला डब्ल्यूपीएल मैच खेला और प्रदेश का मान बढ़ाया।

गुजरात ने 10 लाख में खरीदा, पहले मैच में डाला एक ओवर गुजरात जाएंट्स ने हैप्पी कुमारी की प्रतिभा को देखते हुए उन्हें नीलामी में 10 लाख रुपये में खरीदा था। आरसीबी के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में हैप्पी को गेंदबाजी का मौका मिला, जहां उन्होंने एक ओवर डाला। हालांकि, उन्हें इस मैच में बल्लेबाजी का अवसर नहीं मिल सका, लेकिन मैदान पर उतरते ही उन्होंने राजस्थान के क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया।

सफर: एथलेटिक्स के ट्रैक से क्रिकेट की पिच तक हैप्पी शुरू से क्रिकेटर नहीं थीं। उनका सफर एथलेटिक्स से शुरू हुआ था।

  • वे पहले 100 और 200 मीटर की स्प्रिंट एथलीट (धावक) थीं।
  • साल 2023 में जयपुर के एसएमएस स्टेडियम में आयोजित स्टेट एथलेटिक चैंपियनशिप में हैप्पी ने ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
  • एथलेटिक्स से मिली फिटनेस और रफ्तार ने उन्हें क्रिकेट की तरफ मोड़ा और वे एक तेज गेंदबाज के रूप में उभरीं।

संघर्ष: लड़कियों की एकेडमी नहीं थी, लड़कों के साथ की प्रैक्टिस हैप्पी की कामयाबी के पीछे कड़ा संघर्ष छिपा है। झुंझुनूं में लड़कियों के लिए अलग से कोई क्रिकेट एकेडमी नहीं थी। ऐसे में उनके कोच अजय कुमार ने उन्हें लड़कों के साथ ही प्रैक्टिस करवाई। लड़कों के साथ खेलने के कारण हैप्पी के खेल में निखार आया और वे कड़ी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हुईं।

पढ़ाई में भी टॉपर: 10वीं में 93%, अब देंगी 12वीं के एग्जाम खेल के साथ-साथ हैप्पी पढ़ाई में भी उतनी ही अव्वल हैं।

  • उन्होंने 10वीं कक्षा 93 प्रतिशत अंकों के साथ पास की थी।
  • वर्तमान में वे 12वीं क्लास की स्टूडेंट हैं और फरवरी में उनके बोर्ड एग्जाम हैं।
  • WPL के व्यस्त शेड्यूल और मैचों के बीच वे अपनी पढ़ाई पर भी पूरा फोकस कर रही हैं।

हैप्पी की यह उपलब्धि राजस्थान की हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है, जो खेल की दुनिया में अपना करियर बनाना चाहती हैं।

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