टोंक, ऊर्जा राज्यमंत्री एवं टोंक जिला प्रभारी मंत्री हीरालाल नागर ने रविवार को देवली नगर पालिका में आयोजित एक कार्यक्रम में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने आगामी बजट के लिए जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से संवाद किया और ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम, 2025’ (VB-G रामजी) को एक ऐतिहासिक कदम बताया।
मनरेगा का नया और सशक्त स्वरूप: ‘रामजी’ योजना
मंत्री नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया यह नया अधिनियम पुरानी मनरेगा योजना का परिष्कृत रूप है। इसे भ्रष्टाचार मुक्त और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजाइन किया गया है।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- रोजगार की गारंटी: अब साल में 100 दिन के बजाय 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा।
- स्थायी निर्माण: अब केवल कच्चे काम नहीं, बल्कि पक्की सड़कें, जल संसाधन विकास और स्थायी संपत्तियों का निर्माण होगा।
- पारदर्शिता: कार्यों की निगरानी AI तकनीक, जियो-टैगिंग और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से की जाएगी।
- डिजिटल सोशल ऑडिट: प्रत्येक छह माह में कार्यों का डिजिटल ऑडिट अनिवार्य होगा।
श्रमिकों के लिए साप्ताहिक भुगतान और मुआवजे का प्रावधान
श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए मंत्री ने बताया कि अब साप्ताहिक भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। यदि भुगतान में दो सप्ताह से अधिक की देरी होती है, तो सिस्टम में स्वतः (Automatic) मुआवजे का प्रावधान रखा गया है, ताकि मजदूरों को उनके हक का पैसा समय पर मिल सके।
बजट 2026: जन-भागीदारी से बनेगा विकास का खाका
आगामी राज्य बजट को लेकर सुझाव मांगते हुए हीरालाल नागर ने कहा कि राज्य सरकार बजट निर्माण में आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने किसान चौपाल के माध्यम से मौके पर ही कई समस्याओं का निस्तारण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सहकारी संघवाद का मॉडल
योजना के वित्तीय ढांचे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात वाला एक सशक्त मॉडल है, जो जवाबदेही तय करता है।
“सरकार जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। ‘VB-G रामजी’ पहल से न केवल गांव आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होगी।” – हीरालाल नागर, ऊर्जा राज्यमंत्री
कार्यक्रम में उपस्थिति: इस अवसर पर देवली-उनियारा विधायक राजेन्द्र गुर्जर, जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल, सीईओ परशुराम धानका सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
