दौसा, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने मनरेगा के नाम परिवर्तन को लेकर जारी राजनीतिक बयानबाजी पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। दौसा में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि नाम परिवर्तन कोई नई बात नहीं है, स्वयं कांग्रेस ने भी पूर्व में योजनाओं के नाम बदले हैं।
मनरेगा के नाम पर राजनीति बंद करे कांग्रेस
डिप्टी सीएम डॉ. बैरवा ने ऐतिहासिक तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ही ‘जवाहर रोजगार योजना’ का नाम बदलकर ‘महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना’ (MGNREGA) किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान सरकार द्वारा किए गए सुधारों का उद्देश्य केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि योजना की कमियों को दूर करना है।
बैरवा के संबोधन की मुख्य बातें:
- अधिक रोजगार का वादा: उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि नए सुधारों के बाद अब श्रमिकों को पहले की तुलना में अधिक दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
- सुधार की आवश्यकता: उन्होंने कहा कि पुरानी व्यवस्था में कई विसंगतियां थीं, जिन्हें दूर कर योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया गया है।
शिक्षा से ही संभव है समाज का सर्वांगीण विकास
डॉ. प्रेमचंद बैरवा दौसा में ‘बैरवा समाज शिक्षा एवं सामाजिक विकास समिति’ द्वारा आयोजित स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने समाज की 60 प्रतिभाओं और 100 विशिष्ट सदस्यों को सम्मानित किया।
- बाबा साहब का मंत्र: उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर के संदेश “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” को दोहराते हुए कहा कि शिक्षा के बिना मानव जीवन अधूरा है।
- बालिका शिक्षा पर जोर: डिप्टी सीएम ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को त्यागने और बालिकाओं को उच्च शिक्षा दिलाने का आह्वान किया।
- जनता के लिए द्वार खुले: उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा, “यदि समाज के किसी भी व्यक्ति का कोई काम हो, तो बेझिझक मेरे पास आएं, मैं समाधान के लिए सदैव तत्पर हूं।”
“डॉ. अंबेडकर का जीवन समतामूलक समाज की स्थापना के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्शों को आत्मसात करना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। हमारी सरकार वंचितों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।” — डॉ. प्रेमचंद बैरवा, उपमुख्यमंत्री, राजस्थान
