जयपुर, राजस्थान और थाईलैंड के बीच पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। मंगलवार को राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास से थाईलैंड की भारत में राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फंत ने शिष्टाचार भेंट की। शासन सचिवालय में हुई इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों, विशेषकर राजस्थान और थाईलैंड के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
ऐतिहासिक संबंधों को पर्यटन से मिलेगी मजबूती
थाई राजदूत चवनार्ट थांगसुम्फंत ने भारत और थाईलैंड के बीच साझा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन गहरे रिश्तों को पर्यटन के माध्यम से और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने राजस्थान की समृद्ध विरासत की सराहना करते हुए आपसी सहयोग की इच्छा जताई।
तकनीक और नवाचार पर जोर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बैठक में कहा कि राजस्थान और थाईलैंड दोनों ही पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक पहचान रखते हैं। उन्होंने कहा:
“वर्तमान दौर में पर्यटन सहयोग में नवीनतम तकनीक और नवाचार (Innovation) की अपार संभावनाएं हैं। हम आपसी समन्वय से पर्यटन क्षेत्र को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उच्चस्तरीय बैठक में रहे ये अधिकारी मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों सहित रॉयल थाई एंबेसी का प्रतिनिधिमंडल भी शामिल रहा। बैठक में पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन, और थाई दूतावास से श्री किरण मूंगटिन, कैप्टन नत्थापोंग फामराई, श्री जिरासाक वेराअर्पचाई सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
