राजस्थान डिजिफेस्ट 2026: ‘महिला सशक्तीकरण में निवेश, राष्ट्र निर्माण में निवेश’— वैश्विक विशेषज्ञों ने सामाजिक बदलाव पर दिया जोर

जयपुर, जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी (JECC) में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट-टाई ग्लोबल समिट 2026 के दूसरे दिन ‘सामाजिक प्रभाव’ (Social Impact) विषय पर आयोजित सत्र में आर्थिक और सामाजिक प्रगति के नए आयामों पर चर्चा हुई। मुग्धा हॉल में आयोजित इस सत्र में वैश्विक विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की भागीदारी और पर्यावरण संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है।

महिला सशक्तीकरण: समृद्ध राष्ट्र की नींव

यूएन वीमेन कनाडा एनसी की प्रेसिडेंट एमेरिटस अलमास जिवानी ने महिला सशक्तीकरण को एक आर्थिक अनिवार्यता बताया। उन्होंने जोर देते हुए कहा:

“जब आप एक महिला पर निवेश करते हैं, तो वह निवेश केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता। एक सशक्त महिला सशक्त परिवार बनाती है, जिससे सशक्त समाज और अंततः एक आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण होता है।”

उन्होंने कहा कि नेतृत्व में महिलाओं की भागीदारी और कौशल विकास से राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्थिरता को मजबूती मिलती है।

‘क्लिमेट फॉर्च्यून’ का समय: उद्यमियों को मिला न्योता

डलबर्ग के मैनेजिंग पार्टनर जगजीत सरीन ने जलवायु परिवर्तन (Climate Change) को वैश्विक व्यापार के लिए एक बड़ी चुनौती और अवसर बताया। उन्होंने उद्यमियों से इस क्षेत्र में नवाचार करने का आह्वान किया:

  • ग्रीन एनर्जी: सोलर पार्क और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में हजारों करोड़ का निवेश किया जा रहा है।
  • क्लाइमेट टेक: सस्टेनेबल इनोवेशन के माध्यम से उद्यमी न केवल पर्यावरण बचा सकते हैं, बल्कि आर्थिक वृद्धि में भी योगदान दे सकते हैं।
  • अवसर: भारत में ‘क्लाइमेट फॉर्च्यून’ लाने के लिए यह सबसे उपयुक्त समय है।

सत्र का सारांश

सत्र का संचालन एलिवेट केपिटल के मैनेजिंग पार्टनर नितिन राय ने किया। विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला कि लैंगिक समानता और क्लाइमेट टेक्नोलॉजी ही वे दो स्तंभ हैं, जिन पर भविष्य का भारत खड़ा होगा।

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