बांदीकुई रेलवे स्टेशन: सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के नाम पर 10 हजार की घूस, रेलवे इंजीनियर, डिस्कॉम AEN और लाइनमैन गिरफ्तार

जयपुर/बांदीकुई।

राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बांदीकुई में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए घूसखोरी के अंतर-विभागीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। बांदीकुई रेलवे स्टेशन पर लगाए जा रहे सोलर प्लांट की नेट मीटरिंग के लिए आवश्यक ‘मीटर चेंजिंग ऑर्डर’ (MCO) जारी करने के नाम पर रिश्वत लेते हुए रेलवे के सीनियर सेक्शन इंजीनियर, जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता (AEN) और लाइनमैन को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

10 हजार रुपये की रिश्वत का मामला

एसीबी मुख्यालय के अनुसार, पीड़ित फर्म बांदीकुई रेलवे स्टेशन परिसर में सोलर प्लांट लगाने का कार्य कर रही थी। प्लांट के चालू होने के बाद उसकी नेट मीटरिंग की औपचारिक अनुमति और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया (MCO जारी कराने) के लिए फाइल जयपुर डिस्कॉम कार्यालय में प्रस्तुत की गई थी। आरोप है कि फाइल को आगे बढ़ाने और मंजूरी देने की एवज में जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई के सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी और लाइनमैन प्रथम धर्मेन्द्र सैनी द्वारा शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।

शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर एसीबी चौकी दौसा द्वारा गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी टीम ने सुनियोजित तरीके से ट्रेप का जाल बिछाया।

रेलवे इंजीनियर के कक्ष में हुआ रिश्वत का बंटवारा

ट्रेप कार्रवाई के दौरान रिश्वत के लेन-देन का मुख्य केंद्र बांदीकुई रेलवे जंक्शन का विद्युत कार्यालय बना। आरोपियों ने शिकायतकर्ता को बांदीकुई रेलवे जंक्शन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत) धर्मराज गुर्जर के कार्यालय कक्ष में बुलाया।

शिकायतकर्ता जब वहां पहुंचा, तो आरोपी धर्मराज गुर्जर ने रिश्वत के 10 हजार रुपये अपने हाथों से लिए और गिने। इसके बाद उसने रिश्वत की राशि में से 5,000 रुपये एक खाकी लिफाफे में रखकर डिस्कॉम के लाइनमैन धर्मेन्द्र सैनी और सहायक अभियंता छोटेलाल सैनी को थमा दिए। दोनों कर्मियों ने इस रकम को शिकायतकर्ता की मूल फाइल में रख दिया। शेष 5,000 रुपये धर्मराज गुर्जर ने शिकायतकर्ता को लौटा दिए।

उसी समय इशारा मिलते ही एसीबी टीम ने दबिश दी और मौके से रिश्वत की राशि बरामद करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

उच्चाधिकारियों के सुपरविजन में कार्रवाई

यह पूरी कार्रवाई एसीबी उपमहानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के सुपरविजन में एसीबी चौकी दौसा के पुलिस उपाधीक्षक ज्ञान सिंह चौधरी व उनकी टीम द्वारा अंजाम दी गई। वहीं, पूरे प्रकरण की जांच और अग्रिम अनुसंधान अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमाला के निर्देशन में जारी है।

तीनों आरोपियों—

  • धर्मराज गुर्जर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर (विद्युत), बांदीकुई रेलवे जंक्शन
  • छोटेलाल सैनी, सहायक अभियंता (AEN), जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई
  • धर्मेन्द्र सैनी, लाइनमैन (प्रथम), जयपुर डिस्कॉम, बांदीकुई

के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। एसीबी इस बात की भी गहन पड़ताल कर रही है कि क्या इस रिश्वत नेटवर्क में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं।

एसीबी की आमजन से अपील

एसीबी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी भी नागरिक से किसी भी सरकारी कार्य, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC), कनेक्शन या फाइल आगे बढ़ाने की एवज में रिश्वत की मांग की जाती है, तो वे तुरंत एसीबी के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 अथवा व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर 24 घंटे कभी भी संपर्क कर सकते हैं। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।


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