जयपुर। राजधानी जयपुर में कपड़ा कारोबारियों को अपना निशाना बनाकर करोड़ों रुपये का माल हड़पने वाले एक शातिर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। शिप्रापथ थाना पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गुजरात से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी फर्म बनाकर व्यापारियों का भरोसा जीतता था और माल उधार लेकर फरार हो जाता था।
ऐसे शुरू हुआ फर्जीवाड़े का खेल
मामले का खुलासा 19 सितंबर 2026 को तब हुआ, जब सीतापुरा स्थित रिको इंडस्ट्रियल एरिया के एक कपड़ा कारोबारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। परिवादी के अनुसार, उसकी फर्म पिछले एक साल से मानसरोवर इलाके में कुर्ती और सूट बनाने का काम कर रही है। मार्च 2026 में प्रदीप गुनानी उर्फ सोनू और हेमन्त सुखलानी नामक दो व्यक्ति उससे मिले। दोनों ने खुद को ‘आरवी एंटरप्राइजेज’ सहित अन्य फर्मों का प्रोपराइटर बताकर कपड़े का बड़ा ऑर्डर दिया।
चेक देकर माल किया पार
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने व्यापारी को पूरी तरह से विश्वास में लेकर करीब 47 लाख रुपये का कपड़ा उधार ले लिया। भुगतान के नाम पर आरोपियों ने परिवादी को चेक थमा दिए। जब व्यापारी ने अपना पैसा मांगा, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। शक होने पर व्यापारी ने फर्म के दिए गए पते की पड़ताल की, जो पूरी तरह फर्जी निकला। बाजार के अन्य कारोबारियों से पूछताछ में भी यह बात सामने आई कि इन आरोपियों ने इसी तरह कई लोगों से माल लिया है और किसी को भी भुगतान नहीं किया।
फर्जी फर्मों का जाल और ठगी का तरीका
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से काम करता था। आरोपी प्रदीप गुनानी और हेमन्त सुखलानी रिको इंडस्ट्रियल एरिया में कपड़ा कारोबारियों से संपर्क कर खुद को बड़े व्यापारी या एजेंट के रूप में पेश करते थे। व्यापारियों को भरोसे में लेने के लिए वे शुरुआत में एडवांस चेक भी देने को तैयार रहते थे। एक बार माल हाथ लगने के बाद, उसे तुरंत ट्रांसपोर्ट के जरिए दूसरे शहरों में भेजकर बेच दिया जाता था। ठगी को अंजाम देने के बाद आरोपी अपनी फर्म का नाम और पता दोनों बदल लेते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह ने अलग-अलग फर्मों के नाम पर कारोबारियों से करीब एक करोड़ रुपये से अधिक का माल हड़पा है।
गुजरात से दबोचे गए दोनों शातिर
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 23 सितंबर 2026 को गुजरात में दबिश दी और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 52 वर्षीय हेमन्त सुखलानी (पुत्र मोहन दास, निवासी अहमदाबाद, वर्तमान में आरवी एंटरप्राइजेज का प्रोपराइटर) और 39 वर्षीय प्रदीप गुनानी उर्फ सोनू (पुत्र विशनदास, निवासी अहमदाबाद) के रूप में हुई है।
आगे की जांच जारी
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर गहन पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। इसके अलावा, हड़पे गए माल की बरामदगी और ठगी से कमाई गई रकम के निवेश की जानकारी भी जुटाई जा रही है। जांच में जयपुर के अलावा अन्य शहरों के व्यापारियों से भी ठगी के मामले खुलने की संभावना है।