ट्रांसफार्मर बदलने के नाम पर भी घूसखोरी! हिण्डौन सिटी में डिस्कॉम कर्मचारी 8 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

जयपुर: भ्रष्टाचार का दीमक सिस्टम को किस कदर खोखला कर रहा है, इसका एक और उदाहरण करौली जिले के हिण्डौन सिटी में देखने को मिला है। अब किसानों और आमजन को जला हुआ बिजली ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए भी रिश्वत देनी पड़ रही है। एसीबी (ACB) ने हिण्डौन सिटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए जयपुर डिस्कॉम के एक कर्मचारी को 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जगदीश बैरवा, टेक्नीशियन प्रथम (सहायक स्टोर कीपर), कार्यालय सहायक अभियंता ए-द्वितीय, जयपुर डिस्कॉम के रूप में हुई है।

नया ट्रांसफार्मर देने के नाम पर मांगी रिश्वत

एसीबी के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसका विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया था। उसने जला हुआ ट्रांसफार्मर विभाग में जमा करा दिया था। इसके बाद स्टोर से नया ट्रांसफार्मर जारी करने की एवज में आरोपी जगदीश बैरवा द्वारा 9 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई।

एईएन कार्यालय परिसर में बुलाकर ली रकम, पैंट की जेब से हुई बरामद

एसीबी भरतपुर रेंज के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में करौली एसीबी टीम ने पुलिस निरीक्षक जगदीश भारद्वाज के नेतृत्व में मंगलवार को इस ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी ने परिवादी को रिश्वत की रकम देने के लिए एईएन (AEN) कार्यालय परिसर में ही बुलाया था।

जैसे ही परिवादी ने 8 हजार रुपये आरोपी को दिए, पहले से जाल बिछाए बैठी एसीबी टीम ने उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान रिश्वत की रकम उसकी पहनी हुई पैंट की सामने की दाहिनी जेब से बरामद कर ली गई। फिलहाल भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

एसीबी की आमजन से अपील- डरें नहीं, 1064 पर करें शिकायत

इस कार्रवाई के बाद एसीबी ने आमजन के लिए महत्वपूर्ण अपील जारी की है। ब्यूरो ने कहा है कि भ्रष्टाचार से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन 94135-02834 पर 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।

साथ ही, एसीबी ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में कोई शिकायत दर्ज होती है तो वह सीधे ब्यूरो से संपर्क कर अपना पक्ष रख सकता है। एसीबी के नाम या कार्रवाई के डर से ब्लैकमेलिंग करने वालों से सावधान रहने की हिदायत भी दी गई है।


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