सुसाइड नोट ने खोला ब्लैकमेलिंग का राज! शाहपुरा में युवक की मौत के पीछे जीजा-साली पर गंभीर आरोप, महिला समेत 2 गिरफ्तार

शाहपुरा (जयपुर ग्रामीण)। शाहपुरा इलाके में 5 सितंबर को एक 29 वर्षीय युवक द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट और परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ने कथित ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और मानसिक प्रताड़ना के मामले में मृतक की पत्नी और उसके जीजा को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रानी शर्मा उर्फ खुशबू (31) और पुष्पेन्द्र शर्मा (43) के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।

प्रेम विवाह से शुरू हुआ सफर, नौकरी छूटते ही बढ़ा विवाद

पुलिस जांच के अनुसार, मृतक विजय कुमार स्वामी पूर्व में सामोद थाना क्षेत्र में ‘डायल-112’ आपातकालीन वाहन पर संविदा चालक के रूप में कार्यरत था। जनवरी 2026 में विजय ने रानी शर्मा उर्फ खुशबू से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ महीनों बाद, अप्रैल 2026 में विजय ने डायल-112 की संविदा नौकरी छोड़ दी और जयपुर में रानी के साथ रहने लगा।

जांच में सामने आया कि नौकरी छोड़ने और आमदनी प्रभावित होने के बाद दोनों के बीच मतभेद शुरू हो गए। आरोप है कि इसके बाद रानी ने अपने जीजा पुष्पेन्द्र शर्मा के साथ मिलकर विजय पर आर्थिक दबाव बनाना शुरू किया और लगातार रुपयों की मांग की जाने लगी।

फ्लैट में बंधक बनाने और झूठे मुकदमे की धमकी

पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि विजय को जयपुर के वैशाली नगर स्थित एक फ्लैट में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। उसे उसके मूल परिवार से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया गया। आरोप है कि आरोपियों ने विजय को धमकी दी कि यदि उसने मांग के अनुसार पैसे नहीं दिए, तो उसे गंभीर आपराधिक मुकदमों में फंसाकर जेल भिजवा दिया जाएगा।

लगातार बढ़ते मानसिक तनाव, धमकियों और कथित प्रताड़ना से त्रस्त होकर विजय 5 सितंबर को वैशाली नगर स्थित फ्लैट से निकला और शाहपुरा पहुंचा। वहां एक निर्माणाधीन कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में उसने फांसी लगाकर जान दे दी।

सुसाइड नोट ने खोली कड़ियां

घटना की सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी और शव को कब्जे में लेकर मुआयना किया था। तलाशी के दौरान पुलिस को विजय द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस नोट में विजय ने अपनी मौत के लिए रानी शर्मा और पुष्पेन्द्र शर्मा द्वारा की जा रही ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना को जिम्मेदार ठहराया था। सुसाइड नोट के तकनीकी परीक्षण और परिजनों के बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नामजद आरोपियों को जयपुर से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी पुष्पेन्द्र का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी पुष्पेन्द्र शर्मा आदतन अपराधी प्रवत्ति का रहा है। उसके खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) थाना जयपुर में ब्लैकमेलिंग और संगठित गिरोह संचालन से संबंधित तीन आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। इन मामलों में पुष्पेन्द्र पूर्व में जेल भी काट चुका है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या विजय को भी किसी सुनियोजित सिंडिकेट के जरिए निशाना बनाया गया था।

डिजिटल साक्ष्य और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल

शाहपुरा थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस कस्टडी रिमांड हासिल किया है। जांच अधिकारी मोबाइल फोन, व्हाट्सएप चैट्स, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (सीडीआर) और बैंक खातों के लेन-देन का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों द्वारा विजय से अब तक कितनी रकम वसूली जा चुकी थी और क्या इस मामले में कोई अन्य सहयोगी भी शामिल है।

नोट: यदि आप या आपका कोई परिचित किसी मानसिक तनाव, अवसाद या संकट से जूझ रहा है, तो कृपया राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन ‘KIRAN’ (1800-599-0019) या टेली-मानस (14416) पर संपर्क करें।


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