जयपुर: राजस्थान में होने वाले आगामी नगरीय निकाय चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष विशेष रूप से जयपुर पहुंचे। जयपुर के भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचने पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका आत्मीय स्वागत किया। बीएल संतोष का यह दौरा संगठनात्मक और चुनावी प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी निकाय चुनावों को आगामी विधानसभा और पंचायती राज चुनावों से पहले एक ‘सेमीफाइनल’ के तौर पर देख रही है।

डैमेज कंट्रोल और बागी नेताओं पर विशेष नजर
राज्य के कई शहरों और कस्बों में टिकट वितरण के बाद से पार्टी के भीतर असंतोष, विरोध-प्रदर्शनों और बागी उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में उतरने की खबरें सामने आई हैं। इसे लेकर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह गंभीर है। जयपुर पहुंचने के बाद बीएल संतोष ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, प्रदेश कोर कमेटी के सदस्यों और प्रमुख विधायकों के साथ मैराथन बैठकें शुरू कर दी हैं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं को मनाना तथा ‘डैमेज कंट्रोल’ करना है। पार्टी उन सीटों पर विशेष रूप से मंथन कर रही है जहां बागियों के कारण आधिकारिक प्रत्याशियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
बूथ प्रबंधन और प्रचार अभियान की समीक्षा
राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष पार्टी के चुनावी वॉर रूम, प्रचार अभियान और बूथ नेटवर्क की तैयारियों का बारीकी से फीडबैक ले रहे हैं। वार्ड स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संगठन की कमजोर कड़ियों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही, मीडिया और सोशल मीडिया टीम के साथ भी अलग से चर्चा हो रही है, ताकि सरकार की उपलब्धियों और हाल ही में जारी किए गए ‘नगरीय विकास संकल्प पत्र’ के मुद्दों को प्रभावी तरीके से आम जनता तक पहुंचाया जा सके।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान राष्ट्रीय संगठन महामंत्री स्तर के नेता का इस तरह मैदान में उतरना यह स्पष्ट करता है कि बीजेपी इस चुनाव के परिणामों को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती है।