-सिक्योरिटी के नाम पर जनता की जेब पर डाका, तिजोरियों में दबा रखे हैं 1,048 करोड़ रुपए से अधिक
-कनेक्शन कटे कई साल बीते, पर 30 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं का पैसा नहीं लौटाया कंपनियों ने
जयपुर। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है और डिस्कॉम्स (जयपुर, अजमेर और जोधपुर विद्युत वितरण निगम) जनता के खून-पसीने की कमाई पर कुंडली मारकर बैठे हैं। ‘Expose Now’ की विशेष पड़ताल में बिजली विभाग की एक ऐसी खौफनाक और चौंकाने वाली वित्तीय लापरवाही सामने आई है, जिसने पूरे सिस्टम के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। बिजली महकमे ने कनेक्शन देने के नाम पर प्रदेशभर के आम घरेलू और गरीब किसान उपभोक्ताओं से 1,048 करोड़ रुपए से ज्यादा की भारी-भरकम सिक्योरिटी राशि वसूल ली। इससे भी बड़ा जुल्म यह है कि जिन लाखों उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट चुके हैं या जो पूरी तरह ‘डेड’ हो चुके हैं, उनकी करोड़ों की अमानत राशि विभाग वर्षों से डकार कर बैठा है और उसे लौटाने का नाम नहीं ले रहा।
Expose Now की ग्राउंड व डेटा रिसर्च के तीन बड़े खुलासे:-

बिंदु 1:- प्रदेश में 1.81 करोड़ उपभोक्ताओं की जेब ढीली, सिक्योरिटी के नाम पर उपभोक्ताओं से वसूले 1,048 करोड़
Expose Now की गहन पड़ताल से खुलासा हुआ है कि राजस्थान के तीनों प्रमुख डिस्कॉम्स में वर्तमान में कुल 1 करोड़ 81 लाख 30 हजार 450 बिजली उपभोक्ता रजिस्टर्ड हैं। इनमें:
-घरेलू उपभोक्ता: 1,59,95,353 (करीब 1.60 करोड़)
-कृषि उपभोक्ता: 21,35,097 (करीब 21.35 लाख)
डिस्कॉमवार बात करें तो:
-जयपुर डिस्कॉम: 55.06 लाख घरेलू और 7.34 लाख कृषि उपभोक्ता (कुल 62.40 लाख)
-अजमेर डिस्कॉम: 57.30 लाख घरेलू और 7.96 लाख कृषि उपभोक्ता (कुल 65.27 लाख)
-जोधपुर डिस्कॉम: 47.57 लाख घरेलू और 6.04 लाख कृषि उपभोक्ता (कुल 53.62 लाख)
जनता से कितना वसूला गया?
बिजली निगमों ने इन घरेलू और किसान उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी के नाम पर कुल 1,048.44 करोड़ वसूले हैं:
-जयपुर डिस्कॉम: 386.15 करोड़ की वसूली (घरेलू से 328.69 करोड़ + कृषि से 57.46 करोड़)
-अजमेर डिस्कॉम: 296.78 करोड़ की वसूली (घरेलू से 205.15 करोड़ + कृषि से 91.63 करोड़)
-जोधपुर डिस्कॉम: 365.51 करोड़ की वसूली (घरेलू से 183.69 करोड़ + कृषि से 181.82 करोड़)
उपभोक्ताओं से नियम-कायदों का हवाला देकर यह पैसा पहले ही दिन ले लिया जाता है, लेकिन बदले में उन्हें मिलती है अंधाधुंध कटौती और बिलों के नाम पर लूट।
बिंदु 2:- कनेक्शन कटे, फिर भी नहीं लौटाए 340.06 करोड़, 30 लाख उपभोक्ता न्याय के इंतजार में:-
बिजली विभाग की सबसे अमानवीय और अनैतिक कार्यप्रणाली का पर्दाफाश तब होता है जब यह देखा जाए कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन सालों पहले बंद (Disconnected – DC) हो चुके हैं या स्थायी रूप से काटे (Permanently Disconnected – PDC) जा चुके हैं, उनका रिफंड विभाग ने आज तक अटका रखा है।
Expose Now की पड़ताल बताती है कि प्रदेशभर में 30 लाख 29 हजार 489 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके कनेक्शन विच्छेद हो चुके हैं, लेकिन विभाग उनकी 340.06 करोड़ की अमानत राशि (सिक्योरिटी) दबाए बैठा है:
-जयपुर डिस्कॉम: 9.83 लाख से अधिक मृतप्राय/कटे कनेक्शनों की 87.01 करोड़ की राशि विभाग में फंसी पड़ी है।
-अजमेर डिस्कॉम: 10 लाख से अधिक कटे कनेक्शनों (1.97 लाख डीसी और 8.03 लाख पीडीसी) की 142.12 करोड़ की गाढ़ी कमाई रोक रखी गई है।
-जोधपुर डिस्कॉम: 10.05 लाख से अधिक उपभोक्ताओं की ₹116.93 करोड़ की राशि दबा रखी है।
नियम यह कहते हैं कि कनेक्शन कटने के बाद अंतिम बिल का समायोजन कर उपभोक्ता को उसकी शेष सिक्योरिटी राशि ब्याज सहित तत्काल वापस की जानी चाहिए, मगर विभाग इस पैसे पर गैर-कानूनी तरीके से कुंडली मारकर अपनी बैलेंस शीट चमकाने में लगा है।
बिंदु 3:- राजधानी से लेकर संभागों तक मनमानी, जयपुर में 16 करोड़, भीलवाड़ा में 31 करोड़ और उदयपुर में 34 करोड़ का गबन जैसा रवैया
Expose Now की जांच में सामने आया कि यह सिर्फ किसी एक सर्किल या जिले की बात नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में डिस्कॉम अधिकारियों का सिंडिकेट उपभोक्ताओं का हक मारने में एक जैसा काम कर रहा है:
-जयपुर का हाल: अकेले जयपुर शहर (उत्तर व दक्षिण) में ही कटे हुए कनेक्शनों की सिक्योरिटी के 16 करोड़ से अधिक निगम की तिजोरी में अटके पड़े हैं, जबकि यहां 1.38 लाख से ज्यादा कनेक्शन बंद पड़े हैं। कोटपूतली में कटे कनेक्शनों का 10.84 करोड़ का फंड अटका हुआ है।
-अजमेर डिस्कॉम के जिले बेहाल: उदयपुर जिले में कटे कनेक्शनों का 34.39 करोड़ और भीलवाड़ा में 31.15 करोड़ का रिफंड दबा दिया गया है। सीकर में 15.30 करोड़ और अजमेर जिले में 19.19 करोड़ उपभोक्ताओं को नहीं लौटाए गए।
-जोधपुर डिस्कॉम की मनमानी: जोधपुर शहर वृत्त में ही 19.52 करोड़ का रिफंड दबा हुआ है। वहीं श्रीगंगानगर में 14.04 करोड़, बीकानेर में 12.75 करोड़ और पाली में 12.64 करोड़ की सिक्योरिटी राशि डकार ली गई है।
बड़ा सवाल- उपभोक्ताओं का बिल बकाया तो कनेक्शन कट, और बिजली कंपनियां करोड़ों दबाकर बैठी:-
जब एक आम उपभोक्ता का 500 रुपए का बिल बकाया रह जाता है, तो बिजली विभाग के कर्मचारी बिना किसी पूर्व सूचना के उसका कनेक्शन काटने पहुंच जाते हैं। लेकिन जब उसी उपभोक्ता के करोड़ों रुपए विभाग के पास सिक्योरिटी के रूप में जमा हैं, तो सालों-साल बीत जाने के बाद भी यह पैसा लौटाने की सुध विभाग क्यों नहीं लेता? क्या जनता की इस गाढ़ी कमाई पर मौज उड़ा रहे अधिकारियों से सरकार जवाब तलब करेगी या यह संस्थागत लूट यूं ही बेखौफ जारी रहेगी?
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now