करौली: आगामी नगर परिषद चुनाव से ठीक पहले करौली की राजनीति में सामान्य एवं सवर्ण समाज ने एक बड़ा और तीखा सियासी दांव चल दिया है। सामान्य समाज ने सत्तारूढ़ दल भाजपा के खिलाफ कड़ा मोर्चा खोलते हुए आगामी करौली नगर परिषद चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्ण बहिष्कार का ऐलान कर दिया है। समाज ने स्पष्ट शब्दों में कह दिया है कि अब वे किसी भी राजनीतिक दल के भरोसे नहीं रहेंगे, बल्कि योग्य, ईमानदार और जनहितैषी निर्दलीय प्रत्याशियों का समर्थन कर अपनी वोट की असली ताकत दिखाएंगे।
होटल करौली अजय में हुई बड़ी बैठक
शनिवार को होटल करौली अजय में सामान्य समाज की ओर से एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों और समाज के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान यूजीसी (UGC) एक्ट को तुरंत वापस लेने तथा आरक्षण व्यवस्था को जातिगत आधार के बजाय पूरी तरह से आर्थिक आधार पर लागू करने की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
वक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सामान्य समाज लंबे समय से अपनी इन न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलनरत है, लेकिन सरकारें लगातार उनकी अनदेखी कर रही हैं। वक्ताओं ने गंभीर आरोप लगाया कि भाजपा सामान्य वर्ग के मतदाताओं को सिर्फ अपना ‘परंपरागत वोट बैंक’ मानकर चलती रही है और उनकी समस्याओं को कभी गंभीरता से नहीं लिया गया। अब समाज ने राजनीतिक दलों को चुनाव में अपनी एकता और ताकत का कड़ा अहसास कराने का मन बना लिया है।
हर वार्ड में निकाली जाएगी जागरूकता रथयात्रा
रणनीति के तहत सामान्य समाज ने घोषणा की है कि नगर परिषद क्षेत्र के हर वार्ड में सामान्य जाति के मतदाताओं को जागरूक करने के लिए रथयात्रा निकाली जाएगी। इस रथयात्रा के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को राजनीतिक दलों की दोहरी नीतियों और समाज की मांगों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
निर्दलीय प्रत्याशियों के लिए चंदा जुटाएगा समाज
बैठक में एक और बड़ा व क्रांतिकारी फैसला लेते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने ऐलान किया कि योग्य निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए सामान्य समाज आपस में चंदा (आर्थिक सहयोग) एकत्रित करेगा। समाज का साफ मानना है कि धनबल और संसाधनों के अभाव में कोई भी योग्य प्रत्याशी चुनावी दौड़ से पीछे नहीं रहना चाहिए।
कांग्रेस से भी पूरी तरह मोहभंग
न सिर्फ भाजपा, बल्कि वक्ताओं ने यह भी साफ कर दिया कि सामान्य समाज का मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के प्रति भी अब कोई भरोसा नहीं बचा है। यूजीसी से जुड़े नए प्रावधानों और आरक्षण के वर्तमान स्वरूप को लेकर सामान्य वर्ग के युवाओं में सरकार और राजनीतिक दलों के प्रति भारी असंतोष देखा जा रहा है। समाज ने यह तय किया है कि इस बार चुनाव में पार्टी का चेहरा देखने के बजाय केवल उम्मीदवार की योग्यता, उसकी ईमानदारी और जनहित के मुद्दों को ही प्राथमिकता दी जाएगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महेश सिंह रामपुरा, दीनदयाल शर्मा, दिनेश पचौरी, नरेश सिंह, रामकुमार सिंह, नरेंद्र सिंह और एडवोकेट अरविंद शर्मा सहित सामान्य एवं सवर्ण समाज के अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।