बालोतरा, राजस्थान: राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित एचपीसीएल (HPCL) रिफाइनरी में एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस ड्रीम प्रोजेक्ट के औपचारिक लोकार्पण (04 जुलाई) के महज 40 दिन के भीतर ही रिफाइनरी परिसर में आग भड़क उठी, जिससे एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
CDU-VDU की CR-3 यूनिट में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (CDU-VDU) की CR-3 सेक्शन में अचानक आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही रिफाइनरी का कंट्रोल रूम तुरंत हरकत में आया और आपातकालीन फायर सिस्टम स्वतः एक्टिवेट हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत चार दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। रिफाइनरी के तकनीकी अमले और दमकल कर्मियों की सूझबूझ से समय रहते आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।

अप्रैल महीने में भी टला था बड़ा हादसा
पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के उद्घाटन की तारीख (21 अप्रैल) से ठीक एक दिन पहले यानी 20 अप्रैल को रिफाइनरी की सीडीयू यूनिट में भीषण आग लगी थी। उस दौरान वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से हाइड्रोकार्बन के रिसाव को आग की वजह माना गया था। उस भीषण हादसे के कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूर्व निर्धारित उद्घाटन कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा था।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, एचपीसीएल ने पहले स्पष्ट किया था कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी, जिससे कुछ उपकरणों को नुकसान पहुंचा था। तमाम सुरक्षा और तकनीकी सुधारों के बाद बीते 04 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस रिफाइनरी का राष्ट्र को समर्पित करते हुए लोकार्पण किया था। हालांकि, लोकार्पण के महज डेढ़ महीने के भीतर दोबारा आग लगने की घटना ने प्लांट की तकनीकी सुरक्षा प्रणालियों पर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। गनीमत यह रही कि इस बार भी समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया और किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।