जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में स्टेट हाईवे पर राहगीरों को निशाना बनाने वाली एक खतरनाक अपहरण और लूटपाट गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन और मुहाना थाना प्रभारी मुकेश खारडिया के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी मदद और कांस्टेबल अन्ना लाल व संजीव की सूझबूझ से गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
क्या है पूरी घटना?

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना 5 अगस्त की है। पीड़ित कमलेश मीणा अपने दोस्त मीठालाल मीणा को जयपुर परीक्षा दिलाने के लिए लेकर आया था। परीक्षा के बाद वापसी के दौरान बदमाशों ने रिंग रोड से दोनों का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने बीच रास्ते में दोस्त मीठालाल को तो नीचे उतार दिया, लेकिन कमलेश मीणा को अपनी i20 कार में बंधक बनाकर अपने साथ ले गए।
यातनाएं दीं और मांगी फिरौती
बदमाशों ने बंधक बनाए गए कमलेश के साथ जमकर मारपीट की और उसे कड़ी यातनाएं दीं। इसके बाद उन्होंने कमलेश का मोबाइल, चांदी की चेन और अन्य कीमती सामान लूट लिया। पीड़ित को सुरक्षित छोड़ने की एवज में बदमाशों ने उसके भाई से 1.5 लाख रुपए की फिरौती की मांग की और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने बिछाया जाल और दबोचे बदमाश
परेशान होकर पीड़ित के भाई ने बदमाशों से संपर्क किया और 50 हजार रुपए देने की बात तय की। इसकी सूचना मिलते ही मुहाना थाना पुलिस और तकनीकी टीम हरकत में आ गई। पुलिस की प्लानिंग के तहत जब भाई 50 हजार रुपए लेकर बदमाशों के पास पहुंचा, तो पुलिस ने दबिश देकर गैंग के तीन शातिर बदमाशों—सुरेश चौधरी, दीपक बलाई और सुनील जांगिड़—को दबोच लिया।
हालांकि, इस गैंग का सरगना कुशाल सांसी वारदात में इस्तेमाल की गई i20 गाड़ी के साथ मौके से फरार होने में कामयाब हो गया। पुलिस फरार सरगना की तलाश में जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
