राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से ऑनलाइन भराए जा रहे परीक्षा फॉर्म में एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है, जिसने प्रदेशभर के निजी स्कूल संचालकों और अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। परीक्षा पोर्टल की खामी के चलते एक विद्यार्थी का जो परीक्षा शुल्क 850 रुपए होना चाहिए, उसका चालान सीधे 2200 रुपए प्रति विद्यार्थी के हिसाब से जनरेट हो रहा है।
लगभग तीन गुना राशि का चालान
निजी स्कूल संचालक जब अपने विद्यार्थियों के परीक्षा शुल्क का चालान जेनरेट कर रहे हैं, तो पोर्टल पर करीब तीन गुना राशि का चालान जेनरेट होकर आ रहा है। इस तकनीकी गड़बड़ी से प्रदेश भर के निजी स्कूलों और अभिभावकों में भारी आक्रोश फैल गया है।
अंतिम तिथि निकली, कई स्कूल नहीं भर पाए फॉर्म
सबसे चौंकाने वाली और चिंताजनक बात यह है कि चालान जमा करने की अंतिम तिथि 6 अगस्त थी, जो अब निकल चुकी है। पोर्टल की इस गड़बड़ी के कारण कई स्कूल संचालक चालान जमा ही नहीं कर पाए हैं। बोर्ड ने अब तक अंतिम तिथि में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे हजारों विद्यार्थियों के परीक्षा से वंचित होने का खतरा मंडराने लगा है।
डेट बढ़ाने की मांग, बोर्ड सचिव का नहीं मिला जवाब
स्कूल शिक्षा परिवार राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश कुमावत ने बताया कि बोर्ड की इस तकनीकी कमी के कारण कई स्कूलों के चालान जमा नहीं हुए हैं। अगर स्कूलों के चालान जमा नहीं हुए तो उनके विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। कुमावत ने मांग की है कि बोर्ड को तुरंत इस खामी को दूर कर तारीख बढ़ानी चाहिए, ताकि निजी स्कूल संचालक चालान जमा कर सकें और विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
