राजस्थान में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत PCPNDT सेल और स्वास्थ्य विभाग ने जोधपुर में बड़ी कार्रवाई की है। बनाड़ थाना क्षेत्र स्थित श्री सागर नर्सिंग होम पर डिकॉय ऑपरेशन के दौरान टीम ने नर्सिंग होम संचालक ओम प्रकाश चौधरी को कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान मौके से मोबाइल से संचालित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड प्रोब, ₹50 हजार नकद, एक गर्भवती महिला और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई।
लगातार मिल रही थीं शिकायतें
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ लंबे समय से अवैध लिंग परीक्षण की शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि होने के बाद जिला कलेक्टर के निर्देशन में PCPNDT सेल की विशेष टीम गठित की गई और योजनाबद्ध तरीके से डिकॉय ऑपरेशन चलाया गया।
₹50 हजार लेकर कर रहा था लिंग परीक्षण
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी ने एक गर्भवती महिला से भ्रूण का लिंग बताने के बदले ₹50 हजार लिए थे। जैसे ही लेन-देन और परीक्षण की प्रक्रिया शुरू हुई, टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। महिला से लिए गए ₹50 हजार भी मौके से बरामद कर लिए गए।
मोबाइल से जुड़ने वाली पोर्टेबल मशीन का इस्तेमाल
जांच में सामने आया कि आरोपी पारंपरिक सोनोग्राफी मशीन के बजाय हैंडहेल्ड पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड प्रोब का उपयोग कर रहा था। यह डिवाइस सीधे मोबाइल फोन से जुड़ती है और विशेष एप के माध्यम से गर्भस्थ शिशु की सोनोग्राफी की तस्वीरें दिखाई देती हैं। इसी तकनीक का उपयोग कर अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण किया जा रहा था।
नेटवर्क की जांच शुरू
PCPNDT सेल और स्थानीय पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से इस अवैध कारोबार में शामिल था, उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े थे और कितनी महिलाओं का अवैध लिंग परीक्षण किया गया। जब्त उपकरणों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
PCPNDT एक्ट के तहत गंभीर अपराध
भारत में PCPNDT (Pre-Conception and Pre-Natal Diagnostic Techniques) Act के तहत भ्रूण का लिंग परीक्षण करना, करवाना या उसका प्रचार करना पूरी तरह प्रतिबंधित और दंडनीय अपराध है। इस कानून का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना और लिंगानुपात में सुधार करना है।
