डीडवाना। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की स्पेशल यूनिट अजमेर ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सहकारी समितियाँ, डीडवाना के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण को 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है । आरोपी ने यह राशि एक सहकारी समिति के अध्यक्ष के विरुद्ध जारी नोटिस को फाइल (समाप्त) करने के बदले में ली थी ।
पूरा मामला और शिकायत
मामले के अनुसार, परिवादी प्रेम सिंह राजपुरोहित, जो ग्राम सेवा सहकारी समिति लिमिटेड, जूसरी के अध्यक्ष हैं, ने एसीबी कार्यालय में उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई थी । प्रेम सिंह ने अपनी ही सोसायटी से 18,998 रुपये का ऋण लिया था, जिसे उन्होंने पिछले साल मई में जमा करा दिया था । हालांकि, सोसायटी के व्यवस्थापक अजय कुमार ने राशि प्राप्त करने के बावजूद उन्हें ‘अवधिपार’ (defaulter) घोषित कर दिया और धारा 99 के तहत नोटिस जारी करवा दिया ।
जब परिवादी इस नोटिस के जवाब में सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण के समक्ष पेश हुए, तो आरोपी ने इस मामले को रफा-दफा करने के लिए 1 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की । यह मांग सीधे परिवादी से न करके उनके मित्र गजेंद्र सिंह बोथरा के माध्यम से की गई थी ।
एसीबी का जाल और सत्यापन
शिकायत मिलने के बाद, एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई । दिनांक 1 मई 2026 को रिश्वत की मांग का सत्यापन किया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि आरोपी पीथदान चारण ने नोटिस फाइल करने के बदले 1 लाख रुपये मांगे हैं । रिश्वत की यह राशि सोमवार, 4 मई को ली जानी तय हुई थी, लेकिन मौसम खराब होने और अन्य कारणों से इसे 5 मई की शाम को देना निश्चित हुआ ।
ट्रैप की कार्रवाई और गिरफ्तारी
5 मई 2026 की शाम को एसीबी की टीम ने जाल बिछाया । परिवादी के मित्र गजेंद्र सिंह बोथरा रिश्वत की राशि (500-500 के 200 नोट) लेकर आरोपी के लाडनू बाईपास स्थित किराए के मकान पर पहुंचे । जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की राशि प्राप्त कर अपने बैड पर बिछे कम्बल के नीचे छिपाई, वैसे ही एसीबी की टीम ने दबिश दी ।
तलाशी के दौरान बैड पर कम्बल के नीचे से फिनोफ्थलीन पाउडर लगे 1 लाख रुपये बरामद किए गए । रासायनिक परीक्षण (हाथों की धुलाई) के दौरान आरोपी के दाहिने हाथ का रंग गुलाबी और बाएं हाथ का मटमैला पाया गया, जो रिश्वत लेने की पुष्टि करता है ।
मौके पर ही फैसला और साक्ष्य
हैरानी की बात यह रही कि आरोपी ने रिश्वत की राशि प्राप्त करने के तुरंत बाद ही परिवादी के पक्ष में फैसले की प्रतियां हस्ताक्षरित कर उन्हें सुपुर्द कर दी थीं । एसीबी ने मौके से वह मूल पत्रावली (पेज 1 से 113) भी जब्त कर ली है ।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी पीथदान चारण को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत गिरफ्तार किया गया है । इस पूरे प्रकरण की जांच अब एसीबी की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वन्दना भाटी द्वारा की जा रही है । कार्रवाई के दौरान आरोपी की जामा तलाशी में 720 रुपये और एक सैमसंग मोबाइल भी मिला, जिसे बाद में लौटा दिया गया ।
