-सांगानेर एनवायरो प्रोजेक्ट और CETP प्लांट का कागजी खेल, क्षेत्र में धडल्ले से चल रही है सैकड़ों अवैध फैक्ट्रियां
जयपुर। राजधानी के सांगानेर क्षेत्र में वस्त्र प्रसंस्करण इकाइयों से निकलने वाले रासायनिक जल के निस्तारण के लिए 12.3 MLD क्षमता के कॉमन एफ़्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) का संचालन सांगानेर एनवायरो प्रोजेक्ट डेवलपमेंट (SEPD) द्वारा किया जा रहा है। हालांकि, हमारी एक्सक्लूसिव पड़ताल में सामने आया है कि क्षेत्र की कुल 892 पंजीकृत सदस्य इकाइयों में से 758 इकाइयां ही इस ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़ सकी हैं, जबकि 134 इकाइयां आज भी इससे बाहर हैं। विशेष रूप से ‘ब्राह्मणों की ग्वार’ क्षेत्र में स्थित इन 134 इकाइयों को जोड़ने के लिए सहायक पाइपलाइन बिछाने का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। CETP से सभी इकाइयों का पूरी तरह न जुड़ पाना सांगानेर के पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है।
द्रव्यवती नदी और सीवर में सीधे रसायन बहाने का गंदा खेल:-
Expose Now की विशेष पड़ताल में सामने आया है कि जो टेक्सटाइल इकाइयां CETP की सदस्य नहीं हैं और जिन्होंने अपने परिसरों में स्वयं का एफ़्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) मय ज़ीरो लिक्विड डिस्चार्ज (ZLD) सिस्टम स्थापित नहीं किया है, वे बड़ा ‘खेल’ खेल रही हैं। द्रव्यवती नदी के आसपास स्थित कई इकाइयां अंधेरे का फायदा उठाकर, चोरी-छिपे या टैंकरों के माध्यम से जहरीला दूषित जल सीधे द्रव्यवती नदी और आसपास की सीवर लाइनों में बहा रही हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा सार्वजनिक सूचनाएं और अंतिम चेतावनियां जारी किए जाने के बावजूद, कई इकाइयां नियमों को ताक पर रखकर काम कर रही हैं।

478 अवैध इकाइयों पर बंदी और बिजली काटने के निर्देश:-
Expose Now इनवेस्टिगेटिव टीम को मिले एक्सक्लूसिव दस्तावेजों के अनुसार, राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल ने ऐसी 478 रंगाई-छपाई इकाइयों को चिन्हित किया है, जो बिना किसी उपचारात्मक संयंत्र (ETP/CETP) के अवैध रूप से संचालित हो रही थीं। जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(अ) और वायु अधिनियम, 1981 की धारा 31(अ) के कड़े प्रावधानों के तहत इन 478 इकाइयों को तुरंत प्रभाव से बंद करने और इनके बिजली कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए गए हैं। शिकारपुरा, मुहाना रोड, रामसिंहपुरा, नेवता, बक्सावाला और गोविंदपुरा क्षेत्र की सैकड़ों इकाइयों पर यह गाज गिरी है।
प्रदूषण फैलाने वाली प्रमुख अवैध इकाइयों का पर्दाफाश:-
जांच में सामने आया है कि सांगानेर के विभिन्न इलाकों में नियमों को दरकिनार कर कारखाने चलाए जा रहे थे। प्रदूषण बोर्ड द्वारा जारी बंदी आदेशों की सूची से खुलासा होता है कि रामसिंहपुरा, खत्री नगर, गोवर्धन नगर, दादिया रोड और नेवता बांध के आसपास स्थित सैकड़ों इकाइयों पर नकेल कसी गई है। इनमें प्रमुख रूप से जय हनुमान एंटरप्राइजेज, विनायक फैब्रिक्स, सूर्या उद्योग, भवानी डाइंग, अक्षिता उद्योग, अनुज हस्तशिल्प, और गोविंद प्रिंट्स जैसी सैकड़ों इकाइयां शामिल हैं, जिन पर विद्युत विच्छेद और तालाबंदी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now
