घड़साना के सरकारी अस्पताल का मामला: गैर-कानूनी अबॉर्शन की एवज में मांगी थी रिश्वत, अब विभागीय जांच के घेरे में आरोपी डॉक्टर

अनूपगढ़/घड़साना: राजस्थान के अनूपगढ़ जिले के घड़साना में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। घड़साना नई मंडी स्थित सरकारी अस्पताल में कार्यरत गायनी विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र सिंह चौधरी को 3,500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। आरोपी डॉक्टर पर अबॉर्शन (गर्भपात) कराने के बदले रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है।

4,000 से घटकर 3,500 रुपये में हुआ ‘सौदा’

सीआई राजेंद्र कुमार ने बताया कि परिवादी की पत्नी को स्वास्थ्य संबंधी शिकायत थी, जिसके इलाज और अबॉर्शन के लिए वे सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। यहाँ डॉ. चौधरी ने अबॉर्शन प्रक्रिया के बदले 4,000 रुपये की मांग की। परिवादी ने इसकी शिकायत एसीबी से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान डॉक्टर और परिवादी के बीच 3,500 रुपये में सौदा तय हुआ। शुक्रवार को जैसे ही परिवादी ने डॉक्टर को यह राशि दी, एसीबी की टीम ने दबिश देकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

क्या है CMHO का रुख?

इस मामले के सामने आने के बाद सीएमएचओ डॉ. अजय सिंगला ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना कानूनी अनुमति के अबॉर्शन कराना पूरी तरह से गैर-कानूनी है। डॉ. सिंगला ने कहा, “हालांकि हमें इस मामले में अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है, लेकिन एसीबी की कार्रवाई के आधार पर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

जांच के दायरे में बड़ा नेटवर्क

एसीबी अब इस मामले की विस्तृत तहकीकात कर रही है। एसीबी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह डॉक्टर लंबे समय से इस तरह के अवैध कार्यों में लिप्त था या इसके पीछे किसी बड़े भ्रष्टाचार नेटवर्क की भूमिका है। आरोपी डॉक्टर से पूछताछ जारी है और मामले से जुड़े आवश्यक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।


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