-चोरी में राजस्थान का दबदबा, बेडशीट में बीकानेर तो, कंबल उड़ाने में जोधपुर नंबर-1, दिल्ली तौलिए और सोनपुर पिलो कवर चोरी में सबसे आगे
-शर्मनाक! भारतीय रेलवे में सफर या चोरी?, 1000 में से एक यात्री ‘चोर’! रेलवे को रोजाना बांटे जाने वाले 8 लाख सामानों में लग रही बड़ी चंपत
जयपुर। भारतीय रेलवे के वातानुकूलित (AC) कोचों में सफर करने वाले यात्रियों की एक ऐसी शर्मनाक करतूत सामने आई है, जिसने रेलवे प्रशासन के होश उड़ा दिए हैं। एक आरटीआई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पिछले 4 वर्षों (जनवरी 2022 से मई 2026) के भीतर यात्रियों ने एसी कोचों से 1.27 करोड़ से अधिक बेडरोल आइटम पार कर दिए हैं। इस लिनेन चोरी के कारण बेडरोल ठेकेदारों और रेलवे को करीब 104.51 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान हुआ है।
बीकानेर और जोधपुर ने रचा ‘चोरी का नया इतिहास’:-
इस आरटीआई रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाले आंकड़े राजस्थान से सामने आए हैं। बेडशीट (चादर) चोरी करने के मामले में बीकानेर डिवीजन पूरे देश में पहले स्थान पर आ गया है। वहीं, कड़ाके की ठंड में राहत देने वाले कंबल उड़ाने में जोधपुर डिवीजन ने बाजी मारी है। यदि जयपुर, जोधपुर और बीकानेर डिवीजन को मिला दिया जाए, तो कुल लिनेन चोरी का एक बड़ा हिस्सा अकेले राजस्थान के खाते में जाता है।
किस शहर के यात्रियों को क्या पसंद आया?
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो साफ होता है कि अलग-अलग शहरों के यात्रियों की ‘पसंद’ भी अलग-अलग रही:
-बीकानेर: बेडशीट (चादर) चोरी में सबसे आगे
-जोधपुर: कंबल चोरी करने में नंबर वन
-देश की राजधानी दिल्ली: यहाँ के यात्रियों ने सबसे ज्यादा तौलिए (Towels) गायब किए
-सोनपुर (बिहार): यहाँ के यात्रियों का हाथ पिलो कवर (तकिए के गिलाफ) पर सबसे ज्यादा साफ रहा
चोरी का गणित, हर 1000 में से 1 यात्री बन रहा ‘दागदार’:-
रेलवे के आंकड़ों के मुताबिक, हर रात भारतीय रेलवे नेटवर्क के एसी कोचों में करीब 8 लाख यात्रियों को बेडरोल (2 चादर, 1 कंबल, 1 तकिया, 1 पिलो कवर और 1 फेस टॉवल) दिए जाते हैं। जांच में सामने आया है कि औसतन हर 1,000 यात्रियों में से 1 यात्री अपने साथ बेडरोल का कोई न कोई सामान चुपके से घर ले जाता है। वर्ष 2022 में जहाँ 24.83 लाख सामान चोरी हुए थे, वहीं 2025 में यह आंकड़ा 56% बढ़कर 38.81 लाख तक पहुंच गया।
सीसीटीवी से लेकर ‘कोच मित्र ऐप’ तक, रेलवे का एक्शन प्लान:-
इस बढ़ती चोरी और यात्रियों के इस बर्ताव से रेलवे बोर्ड बेहद गंभीर है। रेलवे अब इस पर लगाम लगाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर रहा है। इसके तहत बेडरोल अटेंडेंट को सतर्क रहने और ट्रेन गंतव्य पर पहुंचने से पहले मुस्तैदी से सामान इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, यात्रियों की काउंसलिंग, सीसीटीवी कैमरों की मदद और ‘कोच मित्र ऐप’ (Coach Mitra App) के जरिए बोर्डिंग और डी-बोर्डिंग के समय लिनेन की ट्रैकिंग करने की तैयारी की जा रही है, ताकि इस राष्ट्रीय नुकसान को रोका जा सके।
