राजस्थान पुलिस को CM भजनलाल के 10 कड़े निर्देश: गैंगस्टर्स के फॉलोअर्स की काउंसलिंग और ड्रग तस्करों की संपत्ति पर बुलडोजर

जयपुर: राजस्थान में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद करने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में मुख्यमंत्री का बेहद सख्त रुख देखने को मिला। उन्होंने पुलिस और गृह विभाग के आला अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम ने दो टूक शब्दों में कहा, “ऐसी कार्रवाई करो कि बदमाशों की रूह कांपे।”

इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी साफ कर दिया कि अब से राज्य के किसी भी हिस्से में होने वाले अपराधों के लिए संबंधित रेंज आईजी (IG) और जिला पुलिस अधीक्षक (SP) सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में राज्य की मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव सहित कई उच्चाधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी रेंज आईजी और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

10 सख्त निर्देश: आईजी-एसपी की जवाबदेही से लेकर ड्रग तस्करों पर बुलडोजर एक्शन तक

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को अपनी कार्यशैली में व्यापक सुधार लाने और जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करने के लिए 10 महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:

  1. आईजी-एसपी की सीधी जवाबदेही: जिला स्तर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की प्राथमिक जिम्मेदारी पुलिस कप्तानों की होगी। क्षेत्र में किसी भी बड़ी वारदात या लापरवाही के लिए सीधे आईजी और एसपी को जिम्मेदार मानकर कार्रवाई की जाएगी।
  2. अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ना: संगठित अपराध की रीढ़ माने जाने वाले अवैध हथियारों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए राज्यभर में विशेष अभियान चलाया जाएगा। हथियार पकड़े जाने पर केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि उसके सप्लायर और सरगना तक पुलिस पहुंचेगी।
  3. अपराधियों का सोशल और फाइनेंशियल नेटवर्क ध्वस्त करना: पुलिस सोशल मीडिया पर उन युवाओं की विशेष निगरानी करेगी जो बड़े गैंगस्टर्स या अपराधियों को फॉलो करते हैं। इसके अलावा हवाला कारोबार और अवैध आय के स्रोतों को पूरी तरह बंद किया जाएगा।
  4. ड्रग तस्करों की संपत्तियों का ध्वस्तीकरण: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के मामलों में केवल गिरफ्तारी काफी नहीं होगी। नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों को कुर्क करने, जब्त करने और अवैध निर्माणों को ध्वस्त करने की कार्रवाई में तेजी लाई जाएगी।
  5. साइबर पेट्रोलिंग और विशेष साइबर सेल: डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी की वारदातों को रोकने के लिए राजस्थान के हर थाने और साइबर सेल में विशेष दक्ष कार्मिक तैनात होंगे और साइबर पेट्रोलिंग को अपग्रेड किया जाएगा।
  6. महिला एवं बाल सुरक्षा को प्राथमिकता: महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले जघन्य अपराधों के मामलों में त्वरित अनुसंधान कर अपराधियों को रिकॉर्ड समय में कठोरतम सजा दिलाई जाएगी।
  7. लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण: रेंज आईजी और एसपी व्यक्तिगत रूप से पेंडिंग पड़े गैंगस्टर्स, हिस्ट्रीशीटर्स और आर्म्स एक्ट के मुकदमों का विश्लेषण करेंगे और समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण सुनिश्चित करेंगे।
  8. नियमित CLG बैठकें: पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सभी जिलों में कम्युनिटी लाइजन ग्रुप (CLG) की बैठकें नियमित रूप से आयोजित होंगी और इनकी राज्य स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी।
  9. भूमि माफियाओं और अतिक्रमण पर कड़ा एक्शन: चरागाह, सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ तत्काल एक्शन लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों पर लापरवाही बरतने पर कार्रवाई होगी।
  10. फीडबैक और पारदर्शी पुलिसिंग: पुलिस थानों में आने वाले फरियादियों की सुनवाई की गुणवत्ता को सुधारने के लिए थानों के स्तर पर कड़ा फीडबैक सिस्टम विकसित किया जाएगा।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अलवर, श्रीगंगानगर और भरतपुर जिलों में हाल ही में हुई चोरी, डकैती, फायरिंग और गैंगवार से जुड़ी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। इन जिलों के पुलिस कप्तानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे संबोधित करते हुए सीएम ने पूछा कि इंटेलिजेंस इनपुट होने के बावजूद इन वारदातों को समय रहते क्यों नहीं रोका जा सका? उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अपराधियों के खिलाफ ढीला रवैया अपनाने वाले अफसरों को फील्ड पोस्टिंग से तुरंत हटा दिया जाएगा।

इसके साथ ही, उदयपुर के गोगुंदा क्षेत्र में चरागाह भूमि पर हुए बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण के मामले में लापरवाही बरतने पर मुख्यमंत्री ने संबंधित उपखंड अधिकारी (SDO) और राजस्व विभाग के बड़े अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी करने के सख्त निर्देश दिए।

एक बेहद महत्वपूर्ण फैसले में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने वाले और गैंगस्टर्स की पोस्ट को लाइक या शेयर करने वाले युवाओं की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे गुमराह हो रहे युवाओं को चिन्हित कर उनके अभिभावकों से बात की जाए और उनकी काउंसलिंग करवाई जाए, ताकि वे अपराध की दलदल में फंसने से बच सकें। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर डर या दहशत फैलाने वाले अकाउंट्स को तुरंत ब्लॉक करवाया जाएगा।

सीएम ने बैठक के समापन पर कहा कि केवल बल प्रयोग से ही अपराध कम नहीं होते, बल्कि जनता के भीतर पुलिस के प्रति विश्वास और अपराधियों में डर होना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वर्ष 2023 की तुलना में राज्य में संगठित अपराध और फायरिंग की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी जरूर आई है, लेकिन इस गिरावट की रफ्तार को और तेज करना होगा ताकि आम नागरिक खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस कर सकें।


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