जयपुर: राजस्थान में लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 7 दिन की देरी से दस्तक दे दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। मानसून के प्रदेश में प्रवेश करते ही गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।

संभागों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभाग के जिलों के लिए विशेष अलर्ट जारी किया है। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- कोटा संभाग: यहां कई स्थानों पर अतिभारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
- अन्य क्षेत्र: जयपुर, भरतपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।
- सतर्कता: बारिश के साथ मेघगर्जन, बिजली चमकने और तेज़ हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
अगले एक सप्ताह तक रहेगा बारिश का दौर मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले 5 से 7 दिनों तक पूर्वी राजस्थान में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई के लिए किसानों के लिए वरदान साबित होगी और प्रदेश के जलाशयों व बांधों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी आने वाले दिनों में आंधी और बारिश की गतिविधियों में वृद्धि देखी जाएगी।
मौसम विभाग की नागरिकों से अपील मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान नागरिकों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि:
- मेघगर्जन और वज्रपात के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े हों।
- तेज़ बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें।
- प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।