सीकर में शिक्षा के नाम पर ‘बर्बरता’: NEET छात्रों को PVC पाइप और डंडों से पीटा, जातिसूचक गालियां दीं; वीडियो वायरल होने पर FIR दर्ज

राजस्थान की ‘शिक्षा नगरी’ सीकर से एक बेहद चौंकाने वाली और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां डॉक्टर बनने का सपना लेकर नीट (NEET) की तैयारी कर रहे छात्रों के साथ एक निजी हॉस्टल में जानवरों जैसी बर्बरता की गई है। हॉस्टल संचालक और बाउंसरों ने 17 वर्षीय छात्र तरुण बैरवा और उसके साथी मुनेश गुर्जर को लाठी-डंडों और पीवीसी (PVC) पाइप से बेरहमी से पीटा।

हैरानी की बात यह रही कि मारपीट के बाद छात्रों के फोन छीन लिए गए ताकि वे अपने घर पर किसी को कुछ न बता सकें। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सनसनी फैल गई, जिसके बाद पीड़ित छात्रों के परिजन सीकर पहुंचे और पुलिस में मामला दर्ज कराया है।

क्या है पूरा मामला?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित छात्र तरुण बैरवा के पिता संजय कुमार बैरवा ने उद्योग नगर थाने में दी गई अपनी शिकायत में बताया कि उनका बेटा पिछले डेढ़-दो साल से सीकर में रहकर नीट फाउंडेशन की तैयारी कर रहा है और ‘पार्थ बॉयज हॉस्टल’ में रहता था।

26 जून की रात करीब 10 बजे से 12 बजे के बीच हॉस्टल संचालक हेतराम मुंड के मौसी के बेटे के साथ छात्रों की किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसी मामूली विवाद के बाद हॉस्टल संचालक हेतराम ने बाउंसर सुभाष वाजिया, दिनेश जाट, सूर्यवीर और दीपक यादव समेत अन्य लोगों को वहां बुला लिया और तरुण, मुनेश समेत 4 छात्रों पर लात-घूंसों, डंडों और पीवीसी पाइप से कहर टूट पड़ा।

नाम-जाति पूछकर पीटा, SC-ST एक्ट की मांग

पीड़ित छात्र तरुण ने पुलिस को बताया कि मारपीट के दौरान एक बाउंसर ने उसका नाम और जाति पूछी। जब छात्र ने खुद को ‘बैरवा’ बताया, तो आरोपियों ने कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे और ज्यादा बेरहमी से पीटा। पीड़ित परिवार ने इस आधार पर आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

इलाज नहीं दिया, सुबह जबरन कोचिंग भेजा

हॉस्टल के अंदर दबंगई का आलम यह था कि घटना के बाद बच्चों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए और उन्हें धमकाया गया कि ‘अगर किसी को कुछ बताया तो अंजाम बहुत बुरा होगा’। घायलों को रात में कोई प्राथमिक उपचार (First Aid) या पेनकिलर तक नहीं दी गई। अगली सुबह उन्हें सामान्य दिखाने के लिए जबरन कोचिंग भेज दिया गया। बाद में एक रूममेट के फोन से तरुण ने चोरी-छिपे अपने पिता को घटना की जानकारी दी।

पिता को हुआ संदेह, वायरल वीडियो देख उड़े होश

तरुण के पिता संजय कुमार ने बताया कि जब बेटे का फोन लगातार स्विच ऑफ आ रहा था, तो उन्हें अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने हॉस्टल संचालक से संपर्क किया लेकिन वहां से गोलमोल जवाब मिला। इसके बाद जब सोशल मीडिया पर बच्चों की पिटाई का वीडियो उन तक पहुंचा, तो वे तुरंत बदहवास हालत में सीकर भागे और पुलिस को सबूतों (फोटो-वीडियो) के साथ लिखित तहरीर दी।

पुलिस का बयान: उद्योग नगर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। थानाधिकारी ने बताया कि वायरल वीडियो और साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होगी।

कोचिंग संस्थान ने झाड़ा पल्ला

परिजनों ने अपनी शिकायत में पार्थ बॉयज हॉस्टल का संबंध ‘पथ कैरियर इंस्टीट्यूट’ से बताया था। हालांकि, जब इस मामले में कोचिंग संचालक अमित कुमार शर्मा से पक्ष लिया गया, तो उन्होंने कहा— “पार्थ बॉयज हॉस्टल से हमारी कोचिंग का कोई संबंध नहीं है। जिन दो बाउंसरों ने बच्चों के साथ मारपीट की है, वे पार्थ हॉस्टल में ही रहते थे। पथ कैरियर इंस्टीट्यूट का इस पूरे विवाद से कोई लेना-देना नहीं है।”


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