करौली। पांचना बांध के कमांड एरिया में पानी छोड़ने को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध आखिरकार बुधवार शाम को समाप्त हो गया। दो समाजों के बीच उपजे इस विवाद को शांत करने के लिए कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कमान संभाली। दोनों मंत्रियों की सूझबूझ और मैराथन समझाइश के बाद किसानों ने अपना धरना और महापड़ाव समाप्त करने की घोषणा की है। मंत्रियों ने दोनों पक्षों को आश्वस्त किया है कि जल संसाधन मंत्री के साथ प्रतिनिधिमंडल की वार्ता कराकर इस समस्या का स्थाई समाधान जल्द से जल्द निकाला जाएगा।

20 वर्षों से बना हुआ था गतिरोध
गंगापुर सिटी के खंडीप गांव में पिछले 20 दिनों से किसान महापड़ाव डालकर बैठे थे। धरने में पहुंचे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि पांचना बांध की नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने को लेकर पिछले लगभग 20 वर्षों से गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। इस मामले में न्यायालय द्वारा समय-समय पर नहरों में पानी छोड़ने के आदेश भी दिए गए, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों की शिथिलता के कारण इन आदेशों को प्रभावी रूप से लागू नहीं किया जा सका, जिससे यह विवाद लगातार गहराता गया।
एक सप्ताह के भीतर नहरों में पानी छोड़ने का संकल्प

हाल ही में राजस्थान उच्च न्यायालय ने पुनः पांचना बांध की नहरों में सिंचाई के लिए पानी छोड़ने का आदेश दिया था। इस निर्णय की पूर्ण पालना सुनिश्चित कराने की मांग को लेकर ही किसान आंदोलनरत थे। डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए आंदोलनरत किसानों के समक्ष संकल्प व्यक्त किया कि एक सप्ताह के भीतर कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर सभी नागरिकों का समान अधिकार है और न्यायालय के निर्णयों का सम्मान करना हम सभी का संवैधानिक दायित्व है।
प्रशासनिक मुस्तैदी और मंत्रियों का प्रयास लाया रंग

दूसरी ओर, पांचना बांध पर पहुंचे गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने बताया कि पिछले तीन दिनों से लगातार किसानों के साथ समझाइश का दौर चल रहा था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर मैराथन बैठकें आयोजित की गईं। मंत्री बेढम ने किसानों को भरोसा दिलाया कि पांचना बांध और लिफ्ट परियोजना से जुड़ी जो भी समस्याएं हैं, उन्हें जल संसाधन मंत्री के समक्ष मजबूती से रखकर पूरा कराया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण वार्ता और समझाइश के दौरान करौली जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, एसपी लोकेश सोनवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रशासन और सरकार के इस साझा प्रयास से क्षेत्र में आपसी भाईचारा और सद्भाव का वातावरण फिर से सुदृढ़ हुआ है।