राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों को पदोन्नति के लिए दो वर्ष की छूट, बजट 2026-27 की घोषणा लागू

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए पदोन्नति नियमों में अहम बदलाव किया है। बजट वर्ष 2026-27 में की गई घोषणा को लागू करते हुए सरकार ने पदोन्नति के लिए निर्धारित न्यूनतम सेवा अवधि और अनुभव में दो वर्ष की विशेष छूट देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंजूरी के बाद कार्मिक विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।

लंबे समय से लंबित थी कर्मचारियों की मांग

राज्य कर्मचारी संगठन लंबे समय से पदोन्नति के लिए आवश्यक अनुभव और सेवा अवधि में छूट की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि विभागीय पदोन्नति समितियों (डीपीसी) की बैठकों में देरी, प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलताओं और रिक्त पदों के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी समय पर पदोन्नति से वंचित रह जाते हैं।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

सरकार के इस फैसले का लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी पदोन्नति केवल निर्धारित सेवा अवधि या अनुभव पूरा नहीं होने के कारण अटकी हुई थी। विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारियों को इस निर्णय से फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे सेवानिवृत्ति के करीब पहुंच चुके कर्मचारियों को भी समय पर पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा।

पदोन्नति प्रक्रिया में आएगी तेजी

सरकार का मानना है कि इस कदम से लंबित डीपीसी मामलों का तेजी से निस्तारण होगा और विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने में मदद मिलेगी। इससे प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ेगी और कर्मचारियों का मनोबल भी मजबूत होगा।

बजट 2026-27 में कर्मचारियों पर विशेष फोकस

राज्य सरकार ने बजट 2026-27 में कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इनमें पदोन्नति और वेतनमान संबंधी मुद्दों के अध्ययन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन, भविष्य में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार और कर्मचारियों के हितों से जुड़े अन्य सुधारात्मक कदम शामिल हैं।

कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग की पूर्ति बताया है। संगठनों का कहना है कि यदि यह छूट नहीं मिलती, तो बड़ी संख्या में कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो जाते।

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