8 लाख में PTI की नौकरी का सौदा! खुद सरकारी बाबू होकर ‘मुन्नाभाई’ बना सूचना सहायक

बाड़मेर। राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट (फर्जी अभ्यर्थी) बैठाने के रैकेट के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का कड़ा प्रहार जारी है। एसओजी ने शारीरिक शिक्षा अध्यापक (PTI) भर्ती परीक्षा-2022 से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी वांटेड को गिरफ्तार किया है।

इस मामले में सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि चंद रुपयों के लालच में दूसरों की जगह डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने वाला यह शातिर मुन्नाभाई खुद एक ‘सरकारी कर्मचारी’ है और पुलिस महकमे के ही दफ्तर में तैनात है।

DIG ऑफिस में तैनात है डमी कैंडिडेट

एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (ADG) विशाल बंसल ने इस पूरे ‘नेक्सस’ का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन कुमार विश्नोई (29) पुत्र धौंकलाराम (निवासी भलीसर, तेजे की ढाणी, धोरीमन्ना, बाड़मेर) के रूप में हुई है। जांच में यह हैरान करने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी पवन कुमार वर्तमान में बाड़मेर के उप महानिरीक्षक (DIG) कार्यालय में ‘सूचना सहायक’ (Informatics Assistant) के पद पर सरकारी नौकरी कर रहा है।

8 लाख रुपये में हुआ था परीक्षा देने का सौदा

एसओजी के अनुसार, 25 सितंबर 2022 को दो पारियों में आयोजित की गई पीटीआई भर्ती परीक्षा में डमी अभ्यर्थी पवन कुमार ने असली अभ्यर्थी मुकेश सारण की जगह बैठकर परीक्षा दी थी।

  • इस खौफनाक फर्जीवाड़े के लिए दलाल भभूताराम के मार्फत पूरे 8 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था।
  • पवन ने अपनी सरकारी नौकरी के अनुभव और पढ़ाई का गलत इस्तेमाल करते हुए मुकेश सारण को पास कराने का ठेका लिया था।

फर्जीवाड़े से जॉइन कर ली थी नौकरी, फिर खुली पोल

आरोपी पवन कुमार के डमी कैंडिडेट बनकर परीक्षा देने का नतीजा यह रहा कि असली अभ्यर्थी मुकेश सारण का पीटीआई के पद पर अंतिम रूप से चयन भी हो गया। उसने बाकायदा पीटीआई की सरकारी नौकरी जॉइन भी कर ली थी।

हालांकि, कानून के हाथ लंबे होते हैं। जब एसओजी तक इस फर्जीवाड़े की गुप्त शिकायत पहुंची, तो जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया गया और एक-एक करके सारी परतें खुलने लगीं। इस रैकेट में शामिल असली अभ्यर्थी मुकेश सारण सहित 5 आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं

26 जून तक पुलिस रिमांड पर आरोपी

इस प्रकरण में एसओजी जयपुर ने केस नंबर 43/2024 (आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120-B और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2022) के तहत मामला दर्ज किया था।

मुख्य आरोपी और डमी कैंडिडेट पवन कुमार तभी से फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। वां‍छित इनामी की तलाश के लिए एसओजी ने एक विशेष टीम का गठन किया, जिसने तकनीकी सहयोग और मुखबिरों की सूचना पर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पूछताछ के लिए 26 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। अब एसओजी उससे पूछताछ कर अन्य बड़े खुलासे करने की तैयारी में है।

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