ई-श्रम पोर्टल: राजस्थान में 1.54 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण, ‘वन-स्टॉप-ऑप्शन’ से सीधे मिल रहा योजनाओं का लाभ

जयपुर। किसी भी देश या प्रदेश के विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक उसके हक और योजनाओं की सीधी पहुंच हो। अंत्योदय के इसी संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के करोड़ों श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। इसी क्रम में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 26 अगस्त 2021 को शुरू किया गया ‘ई-श्रम पोर्टल’ (e-Shram Portal) आज देश के असंगठित कामगारों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच बन चुका है।

इस डिजिटल मंच के माध्यम से न केवल श्रमिकों का एक एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, बल्कि उन्हें मिलने वाले 12-अंकों के यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के जरिए सीधे उन तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जा रहा है।

राजस्थान में बढ़ी जागरुकता: 1.54 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान इस राष्ट्रीय अभियान में बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहा है। राज्य में ई-श्रम पोर्टल के प्रति श्रमिकों में बढ़ती जागरुकता के चलते पंजीकरण के आंकड़ों में भारी उछाल देखा गया है।

राज्य में अब तक कुल 1 करोड़ 54 लाख 50 हजार 294 श्रमिक ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। इन आंकड़ों का लैंगिक विश्लेषण समाज में आ रहे एक बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है:

  • महिला श्रमिक: 82 लाख 40 हजार 291 (53.33 प्रतिशत)
  • पुरुष श्रमिक: 72 लाख 9 हजार 896 (46.67 प्रतिशत)

विशेष नोट: राजस्थान में पंजीकृत श्रमिकों में महिलाओं की भागीदारी 53.33 प्रतिशत होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य के आर्थिक और सामाजिक विकास में महिलाओं की सक्रियता और आत्मनिर्भरता तेजी से बढ़ रही है।

कृषि क्षेत्र में सर्वाधिक पंजीकरण: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

यदि हम राजस्थान में पंजीकृत श्रमिकों के क्षेत्रवार (Sector-wise) आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार माना जाने वाला कृषि क्षेत्र सबसे आगे नजर आता है। ई-श्रम पोर्टल ने विभिन्न क्षेत्रों के कामगारों को एक साझा मंच प्रदान किया है।

प्रमुख कार्यक्षेत्रपंजीकृत श्रमिकों की संख्या
कृषि क्षेत्र (Agriculture)85 लाख 99 हजार 316
निर्माण क्षेत्र (Construction)24 लाख 29 हजार 179
वस्त्र एवं परिधान उद्योग (Apparel)8 लाख 2 हजार 650

स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कराने में दिखाई रुचि

डिजिटल साक्षरता और जागरूकता के मोर्चे पर भी राजस्थान के श्रमिकों ने मिसाल पेश की है। पंजीकरण के माध्यमों को देखें तो अधिकांश श्रमिकों ने स्वयं आगे आकर ऑनलाइन प्रक्रिया को अपनाया है:

  • स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण (Self Registration): 1 करोड़ 2 लाख 27 हजार 852 श्रमिक
  • कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSC): 51 लाख 62 हजार 175 श्रमिक
  • अन्य माध्यम (राज्य सेवा केंद्र/उमंग प्लेटफॉर्म): हजारों अन्य श्रमिक

‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’: एक क्लिक पर सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा ई-श्रम पोर्टल पर 21 अक्टूबर 2024 को ‘वन-स्टॉप-सॉल्यूशन’ (One-Stop-Solution) की शुरुआत की गई थी। इस व्यवस्था के तहत केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को एक ही पोर्टल पर एकीकृत (Integrate) कर दिया गया है। अब श्रमिकों को अलग-अलग दफ्तरों या वेबसाइटों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है, वे महज एक क्लिक से निम्नलिखित योजनाओं से जुड़ सकते हैं:

  • पेंशन एवं बीमा: प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना, राष्ट्रीय पेंशन योजना (व्यापारियों व स्व-रोजगारियों के लिए), प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और अटल पेंशन योजना।
  • स्वास्थ्य एवं आवास: आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, बुनकर स्वास्थ्य बीमा योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)।
  • खाद्य व आजीविका सुरक्षा: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS), राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (वृद्धावस्था सुरक्षा), और सफाई कर्मचारियों के पुनर्वास संबंधी योजनाएं।

रोजगार और कौशल विकास के खुले नए द्वार

ई-श्रम पोर्टल केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह श्रमिकों के कौशल विकास (Skill Development) और रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रहा है। पोर्टल को नेशनल करियर सर्विस (NCS) और स्किल इंडिया डिजिटल हब से जोड़ा गया है, जिससे श्रमिक नीचे दी गई योजनाओं का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं:

  • दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना
  • गरीब कल्याण रोजगार योजना
  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (स्ट्रीट वेंडर्स के लिए)
  • प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY)
  • प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)

कौन करा सकता है पंजीकरण? जानें बेहद सरल प्रक्रिया

ई-श्रम पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत इसकी पारदर्शी और निशुल्क पंजीकरण प्रणाली है।

  • आयु सीमा: 16 से 59 वर्ष का कोई भी असंगठित श्रमिक इसके लिए पात्र है।
  • शर्त: वह श्रमिक ईपीएफओ (EPFO), ईएसआईसी (ESIC) या सरकारी वित्त पोषित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) का सक्रिय सदस्य नहीं होना चाहिए।
  • आवश्यक दस्तावेज/जानकारी: पंजीकरण के लिए केवल मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी आवश्यक है।

श्रमिक अपने मोबाइल से सीधे आधिकारिक पोर्टल पर जाकर स्वयं पंजीकृत हो सकते हैं या अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) अथवा राज्य सेवा केंद्र पर जाकर निशुल्क अपनी प्रोफाइल बनवा सकते हैं। इसके अलावा उमंग (UMANG) ऐप के माध्यम से भी इसे एक्सेस किया जा सकता है।

ई-श्रम पोर्टल वर्तमान में केवल एक डिजिटल डेटाबेस नहीं, बल्कि देश और राजस्थान के असंगठित कामगारों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। निर्माण कार्यों, घरेलू सेवाओं, रेहड़ी-पटरी, परिवहन और वस्त्र उद्योग से जुड़े इन ‘राष्ट्र निर्माताओं’ को मुख्यधारा में लाकर यह पहल ‘विकसित भारत’ और ‘विकसित राजस्थान-2047’ के संकल्प को गति दे रही है।

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