जयपुर। राजस्थान सरकार ने शहरी क्षेत्रों में संचालित होने वाले विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए व्यापारिक लाइसेंस शुल्क में बड़ा बदलाव किया है। होटल, जिम, ब्यूटी पार्लर, बेकरी, मिठाई की दुकानें और मोबाइल फूड वेंडर्स सहित कई व्यवसायों के लिए लाइसेंस फीस में कई श्रेणियों में पांच गुना तक बढ़ोतरी की गई है। यह संशोधन वर्ष 2017 के बाद पहली बार किया गया है।
राज्य के स्वायत्त शासन विभाग ने नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं के अंतर्गत आने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए नई शुल्क दरें लागू कर दी हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य लाइसेंस व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना और स्थानीय निकायों की आय बढ़ाना है।
होटलों के लिए नई लाइसेंस फीस
नई व्यवस्था के तहत 50 कमरों तक के होटलों को अब नगर निकाय की श्रेणी के अनुसार 15 हजार से 25 हजार रुपये तक वार्षिक लाइसेंस शुल्क देना होगा। 51 से 100 कमरों वाले होटलों के लिए यह शुल्क 30 हजार से 50 हजार रुपये तय किया गया है।
इसी तरह 100 से 150 कमरों वाले होटलों को 70 हजार से 1 लाख रुपये और 150 से अधिक कमरों वाले होटलों को 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक वार्षिक शुल्क चुकाना होगा।
जिम और ब्यूटी पार्लरों पर सबसे ज्यादा असर
जिम संचालकों के लिए लाइसेंस शुल्क में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में अब जिम संचालकों को 3,000 रुपये, नगर परिषद क्षेत्र में 3,500 रुपये और नगर निगम क्षेत्र में 5,000 रुपये वार्षिक शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क क्रमशः 500, 1,000 और 2,000 रुपये था।
वहीं, ब्यूटी पार्लरों के लिए शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये, 500 रुपये से बढ़ाकर 1,700 रुपये और 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है।
फूड वेंडर्स और छोटे कारोबारियों पर भी असर
मोबाइल फूड वेंडर्स, चाय की थड़ी, पकौड़ी और फास्ट फूड ठेला संचालकों के लिए भी नई शुल्क दरें लागू की गई हैं। अब इन्हें नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम क्षेत्रों में क्रमशः 1,500 रुपये, 2,000 रुपये और 3,000 रुपये तक वार्षिक शुल्क देना होगा। पहले यह राशि 500 रुपये से 2,000 रुपये के बीच थी।
कारोबारी संगठनों का कहना है कि बढ़ी हुई लाइसेंस फीस का असर छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायों पर अधिक पड़ेगा। उनका तर्क है कि पहले से बढ़ती परिचालन लागत और महंगाई के बीच यह अतिरिक्त बोझ कारोबारियों की चुनौतियां बढ़ा सकता है।
बिना लाइसेंस कारोबार करने पर होगी सख्ती
नई शुल्क व्यवस्था के साथ सरकार ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भी प्रावधान किया है। वैध व्यापारिक लाइसेंस के बिना संचालन करने वाले प्रतिष्ठानों को सील किया जा सकता है। साथ ही लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
सरकार ने लाइसेंस जारी करने वाली प्राधिकरण व्यवस्था को भी स्पष्ट किया है, जिससे प्रदेशभर के शहरी निकायों में व्यापारिक लाइसेंस प्रक्रिया को एक समान बनाया जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शुल्क वृद्धि के साथ ऑनलाइन आवेदन, त्वरित स्वीकृति और पारदर्शी निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाता है, तो यह कदम शहरी प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, छोटे कारोबारियों को राहत देने के लिए सरकार को संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता होगी।