-करोड़ों का लेन-देन और रसूखदारों तक पहुंच— आखिर कौन है यह रहस्यमयी ‘सतीश’ जो निदेशक को दे रहा था निर्देश?
-‘एक थैले में 80 लाख और 20 लाख तो अधिकारी ही रख गए’— कॉल डिटेल ने खोली रिश्वतखोरी के सिंडिकेट की पोल
-सरकार का बड़ा एक्शन— राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई को पद से हटाया, ACB की पूछताछ जारी
बीकानेर/जयपुर। बीज कारोबार में चल रहे महा-घोटाले और रिश्वतखोरी के मामले में ‘एंटी करप्शन ब्यूरो’ (ACB) की जांच में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे को हिला कर रख दिया है। एसीबी के रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच हुई फोन वार्ताओं (कॉल डिटेल्स) से यह साफ हो गया है कि सरकारी प्रयोगशालाओं (लैब्स) में सैंपलों की जांच को प्रभावित करने के लिए करोड़ों रुपये का खेल चल रहा था। लीक हुई बातचीत में साफ सुना जा सकता है कि कैसे ’28 सैंपल पास और 4 फेल’ कराने की सेटिंग की जा रही थी।
इस महा-भ्रष्टाचार में सबसे बड़ा सवाल ‘सतीश कुमार’ नामक व्यक्ति पर खड़ा हो रहा है। गिरफ्तार हो चुके बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई को सतीश लगातार निर्देश दे रहा था कि काम कैसे करना है और किसे ‘रिलैक्सेशन’ (छूट) देनी है और किसे नहीं। एसीबी अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि आखिरकार यह सतीश कौन है और इसके पीछे किन बड़े रसूखदारों या नेताओं का हाथ है, क्योंकि बातचीत में ‘मंत्री जी’ का भी जिक्र सामने आया है।
‘खुल्लम-खुल्ला खेल’, किश्तों में बंटी रिश्वत की रकम:-
एसीबी के हाथ लगी ‘सतपाल-किरण’, ‘सुनील-किरण’ और ‘गणपत व महिला’ के बीच की बातचीत के अंश बड़े चौकाने वाले हैं। बातचीत से साफ है कि भ्रष्टाचार का यह नेटवर्क कितना बेखौफ था:

-पैसों की बंदरबांट: बातचीत में जिक्र है कि “एक बीस जुगल को दिया, 60 एमएलए के पीए को दिया… कुल एक अस्सी कर दिए। फिर एक करोड़ 20 लाख का कलेक्शन किया, जिसमें से 20 लाख तो अधिकारी ही रख गए।”
-थैलों में भरकर आ रहा था कैश: एक अन्य बातचीत में 80 लाख रुपये कैश को थैलों और पेटियों में भरकर लाने का जिक्र है, जहां आरोपी खुद स्वीकार कर रहे हैं कि “पैसा है… रिस्क भी है लाने की, 80 है।”
-लैब मैनेज करने का खेल: सुनील और किरण की बातचीत में यह साफ कहा गया कि “टेंशन मत लो, सैंपल तीन महीने लैब में ही रहने दो। आप सिर्फ लैब मैनेज कर लो। 28 पास करने हैं और 4 फेल करने हैं… 3-4 महीने में मामला ठंडा पड़ जाएगा, आप गुजरात जाओ।”

निदेशक पद से हटाए गए भ्रष्टाचार में लिप्त जुगल किशोर:-
इस मामले में 2.44 करोड़ रुपये के कथित रिश्वत प्रकरण में गिरफ्तार किए गए जुगल किशोर बिश्नोई के खिलाफ राज्य सरकार ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। राजस्थान राज्य बीज निगम के निदेशक मंडल में नामित सदस्य के रूप में कार्यरत बिश्नोई को तुरंत प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। एसीबी वर्तमान में गिरफ्तार पांचों आरोपियों से बीकानेर में कड़ाई से पूछताछ कर रही है, जिससे कई और बड़े चेहरों के बेनकाब होने की उम्मीद है।
ब्यूरो रिपोर्ट, Expose Now