नागौर। राजस्थान के नागौर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा पर गुरुवार देर रात जानलेवा हमले का कथित प्रयास किया गया। गोविंद टोल नाके के पास एक कैंपर वाहन ने उनकी फॉर्च्यूनर कार को जोरदार टक्कर मार दी। विधायक और उनके समर्थकों ने इसे महज एक हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश करार दिया है। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पुलिस-प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है।
क्या है पूरा घटनाक्रम?
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, खींवसर विधायक रेवंत राम डांगा अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी से सफर कर रहे थे। इसी दौरान जब वे गोविंद टोल नाके के पास से गुजरे, तभी एक अज्ञात कैंपर वाहन ने अचानक उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद कैंपर में सवार युवक वाहन समेत मौके से फरार होने लगे। इस घटना के तरीके को देखकर विधायक और उनके साथ मौजूद लोगों को शक हुआ कि यह कोई सामान्य दुर्घटना नहीं है।
25 किलोमीटर तक किया पीछा, पकड़ी गई एस्कॉर्ट गाड़ी
संदेह होने पर विधायक डांगा ने अपने समर्थकों के साथ भागते हुए संदिग्ध वाहनों का पीछा करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि हमलावरों के कैंपर वाहन को पीछे से एक स्कॉर्पियो गाड़ी एस्कॉर्ट कर रही थी, ताकि उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके। विधायक और उनके समर्थकों ने करीब 25 किलोमीटर तक पीछा करने के बाद उस संदिग्ध स्कॉर्पियो को पकड़ लिया। इसके बाद तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी गई।
एसपी समेत आला अधिकारी पहुंचे घटनास्थल पर
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पकड़े गए संदिग्ध वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। एक विधायक से जुड़े इस गंभीर मामले की सूचना मिलते ही नागौर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। नागौर एसपी प्यारेलाल सहित पुलिस के कई आला अधिकारी देर रात ही घटनास्थल पर पहुंच गए। अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और विधायक तथा उनके साथ मौजूद चश्मदीदों से घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई।
नावां थाने में FIR दर्ज, हर एंगल से हो रही जांच
इस घटना को लेकर विधायक रेवंतराम डांगा के चालक ने नावां पुलिस थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत के आधार पर नावां पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि यह टक्कर महज एक सड़क दुर्घटना थी या फिर किसी बड़ी साजिश का हिस्सा।
कैंपर और स्कॉर्पियो में सवार लोगों की पहचान, उनके आपराधिक रिकॉर्ड, आपसी संबंध और घटना के समय उनकी मोबाइल लोकेशन आदि खंगाली जा रही है।
समर्थकों में भारी रोष
विधायक पर हुए इस कथित हमले के बाद से उनके समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। वहीं, प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भी इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
